देहरादून। पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बेटे दिव्य प्रताप सिंह से जुड़े वाहन चालान विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। राजधानी देहरादून के RTO संदीप सैनी ने बताया कि जिस गाड़ी पर सवाल उठ रहे हैं, उसके रिकॉर्ड की जांच में कुल 28 चालान दर्ज मिले हैं। इनमें से मात्र चार चालान उत्तराखंड के हैं, जबकि बाकी चालान दिल्ली, गुरुग्राम और गाज़ियाबाद से जुड़े हैं। अधिकतर चालान ओवरस्पीडिंग के हैं, जो ट्रैफिक नियमों के गंभीर उल्लंघन में आते हैं।
RTO सैनी ने स्पष्ट किया कि विभाग ऐसे वाहनों पर नियमित रूप से कार्रवाई करता रहा है, जिन पर भारी संख्या में चालान दर्ज होते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में एक वाहन पर 42 चालान पाए गए थे, जिसके मालिक को तुरंत नोटिस जारी कर कार्रवाई की गई थी। उनके अनुसार, इस मामले में भी नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अगर वाहन पर चालानों की संख्या अधिक पाई जाती है, तो नोटिस भेजा जाएगा और वाहन मालिक को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि वाहन मालिक यह दावा करते हैं कि गाड़ी कई ड्राइवरों द्वारा चलाई जा रही थी, तो नियमों के अनुसार संबंधित ड्राइवरों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। चालानों की संख्या बढ़ने पर न केवल जुर्माना बढ़ता है, बल्कि ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीनों तक सस्पेंड किए जाने का प्रावधान भी है।
RTO सैनी ने कहा कि विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ इस मामले की जांच कर रहा है। वाहन मालिक द्वारा स्पष्टीकरण देने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चाहे मामला किसी भी राजनीतिक परिवार से जुड़ा हो, विभाग नियमों और प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करता है।
दिव्य प्रताप सिंह से जुड़े इस मामले ने एक बार फिर से ट्रैफिक नियमों के पालन और चालान प्रणाली की असरकारी व्यवस्था पर चर्चा को तेज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।


