उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के लिए एक अत्यंत दुःखद समाचार सामने आया है। जिले के गणकोट गांव निवासी 24 वर्षीय लांस नायक विकास कुमार, जो भारतीय सेना की 19 कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात थे, सिक्किम में ड्यूटी के दौरान एक भीषण बर्फीले तूफान (हिमस्खलन) की चपेट में आकर शहीद हो गए हैं। मंगलवार को सेना की ओर से उनके परिजनों को शहादत की सूचना दी गई, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। शहीद का पार्थिव शरीर गुरुवार तक उनके पैतृक गांव पहुँचने की संभावना है, जहाँ पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।
गश्त के दौरान हुआ हादसा
लांस नायक विकास कुमार इन दिनों सिक्किम के सीमावर्ती क्षेत्र में तैनात थे। 29 मार्च को वह अपने दो अन्य साथियों के साथ सीमा क्षेत्र में विकास गश्त (Patrol) पर थे, तभी अचानक हुए हिमस्खलन की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि उनका पार्थिव शरीर लगभग दो दिनों तक बर्फ में दबा रहा, जिसे सेना के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाला जा सका।
24 वर्ष की अल्पायु में शहादत
विकास कुमार केवल 24 वर्ष के थे और कम उम्र में ही देश सेवा का जज्बा लिए सेना में भर्ती हुए थे। उनके पिता का नाम गणेश राम है। विकास के चचेरे भाई नीरज कुमार ने बताया कि वह एक जांबाज सैनिक थे। इतनी कम उम्र में उनके बलिदान ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है।
क्षेत्र में शोक की लहर और अंतिम संस्कार की तैयारी
शहादत की खबर मिलते ही पिथौरागढ़ के गणकोट और आसपास के गांवों में मातम पसरा हुआ है। जिला मुख्यालय और सैन्य प्रशासन शहीद के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक लाने की तैयारियों में जुटा है। गुरुवार को जब शहीद का शव गांव पहुँचेगा, तब बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने जुटेंगे। पूरा उत्तराखंड आज अपने इस वीर सपूत की शहादत पर गर्व के साथ अपनी आंखें नम कर रहा है।

