देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड का आबकारी महकमा इन दिनों लगातार नई ऊंचाइयों को छूता नजर आ रहा है। विभाग ने न केवल सरकार द्वारा तय किए गए राजस्व लक्ष्यों को हासिल किया है, बल्कि कई मामलों में रिकॉर्ड स्तर का प्रदर्शन भी दर्ज किया है। इससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि विभाग मजबूत रणनीति और सख्त निगरानी के साथ काम कर रहा है।
आबकारी विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, प्रभावी योजना, पारदर्शी कार्यप्रणाली और सुदृढ़ मॉनिटरिंग सिस्टम के चलते बीते वर्षों में लगभग शत-प्रतिशत राजस्व लक्ष्य हासिल किए गए हैं। विभाग ने राज्य के राजस्व सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खुद को प्रमुख राजस्व जुटाने वाले विभागों में स्थापित किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग ने ₹2604 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि आगामी वर्षों में इसे बढ़ाकर ₹2693 करोड़ तक ले जाने की तैयारी है। इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए फुटकर मदिरा दुकानों के व्यवस्थापन की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ाई गई है और अब तक 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा किया जा चुका है।
सबसे बड़ी बात यह है कि जिन जिलों में पिछले कई वर्षों से व्यवस्थापन और आवंटन को लेकर दिक्कतें सामने आती रही थीं, वहां इस बार उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। उधमसिंह नगर, नैनीताल, हरिद्वार और देहरादून जैसे प्रमुख जनपदों में इस बार शत-प्रतिशत दुकानों का आवंटन किया गया है। पिछले करीब एक दशक से इन जिलों को फिसड्डी माना जाता रहा था, लेकिन इस बार की उपलब्धि यह दर्शाती है कि विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से काम करते हुए स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है।जानकारी के मुताबिक, बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में अधिकारियों और कर्मचारियों की हौसला अफजाई भी की जा रही है, जिससे विभाग के भीतर सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का माहौल बना है। इससे न केवल कार्यक्षमता बढ़ी है, बल्कि लक्ष्य हासिल करने की रफ्तार भी तेज हुई है।
विभाग ने मदिरा दुकानों के संचालन में पारदर्शिता और नियंत्रण को प्राथमिकता दी है। पहले जहां अनियमितताओं और अव्यवस्था की शिकायतें सामने आती थीं, वहीं अब व्यवस्थाएं अधिक सुव्यवस्थित और जवाबदेह बनी हैं। इसका सीधा असर राजस्व वृद्धि के रूप में देखने को मिला है, साथ ही उपभोक्ताओं को भी बेहतर और नियंत्रित व्यवस्था का लाभ मिल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आबकारी विभाग का यह प्रदर्शन सरकार की समग्र आर्थिक रणनीति को भी मजबूती प्रदान करता है। राजस्व में बढ़ोतरी से विकास कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध होते हैं, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति और मजबूत होती है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आबकारी विभाग का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि यदि मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट रणनीति और सख्त निगरानी हो तो किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार संभव है। आने वाले समय में विभाग से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है, जो राज्य के विकास को नई गति दे सकता है।

