राज्य में बदलती आवोहवा को लेकर राज्य सरकार फिक्रमंद है। खासकर सूबे के मैदानी इलाकों में शुमार देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर जैसे नगरों में वायु प्रदूषण की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। लिहाजा हवा का ख्याल रखना लाजमि हो रहा है। ऐसे में सूबे के प्रमुख सचिव, वित्त आर.के. सुधांशु ने राज्य स्तरीय वायु गुणवत्ता निगरानी समिति की बैठक ली. बैठक का आयोजन राज्य सचिवालय में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु क्रार्यक्रम (NCAP)के तहत किया गया।
बैठक में जहां शहरों की वायु प्रदूषण की ताजा हालात की समीक्षा की गई वहीं आने वाले वक्त में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कुछ कार्यक्रम भी तय किए गए। प्रमुख सचिव ने एमडीडीए देहरादन को निर्देश देते हुए कहा कि शहर में चल रहे निर्माण स्थलों की निगरानी की जाए। ताकि लोग वायु प्रदूषण को हल्के में न ले। इसके लिए जहां निर्माण सामग्री को ढकने पर जोर दिया जाए वहीं नियमित रुप से जल छिड़काव करने के भी निर्देश दिए जांए. ताकि हवा में रेत, धूलऔर सीमेंट के बारीक कण मिलने न पांए।
बैठक के दौरान प्रमुख वित्त सचिव आर.के.सुधाशु ने चारधाम यात्रा मार्ग पर भी साफ-सफाई के माकूल इंतजाम करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान साफ सफाई के इंतजाम पुख्ता रहें इसके लिए एनजीओ की मदद भी ली जा सकती है। वही उन्होंने कूड़ा एकत्रीकरण हेतु वाहनों में डस्टबिन की व्यवस्था, जन-जागरूकता के लिए ‘क्या करें, क्या न करें’ संबंधी पैम्फलेट चस्पा करने एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 के अनुरूप कूड़े का पृथक्करण ( Segregation) करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के डॉ. पराग मधुकर धकाते ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण रैंक और वित्तीय वर्ष 2024-25 का रिपोर्ट कार्ड रखा। उन्होंने बताया कि देहरादून में वर्ष 2019-20 की तुलना में वर्ष 2024-25 में पीएम 10 स्तर में 44.27% सुधार दर्ज किया गया है। इसी प्रकार ऋषिकेश में 38.2% एवं काशीपुर में 26.92% सुधार हुआ है।
वहीं बैठक के दौरान काशीपुर में निर्माण एवं विध्वंस (C &D) प्रोसेसिंग प्लांट हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में सचिव, वन, सी. रविशंकर, अपर सचिव कल्याणी, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल, अपर सचिव संतोष बडोनी, अपर जिला मजिस्ट्रेट देहरादून कृष्ण कुमार मिश्रा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

