धर्मपुर विधानसभा सीट उत्तराखंड की उन सीटों में शुमार हो गई है, जहां आने वाले चुनावों से पहले ही सियासी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। मौजूदा बीजेपी विधायक विनोद चमोली के लिए यह सीट जहां “सियासी साख का सवाल” बनी हुई है, वहीं विपक्षी खेमे में भी इस सीट को लेकर खासा उत्साह और हलचल देखी जा रही है। कांग्रेस के कई दिग्गज नेता इस सीट पर नजरें जमाए बैठे हैं और इसे आगामी चुनाव में बड़ी चुनौती के रूप में देख रहे हैं।
इसी बीच कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने धर्मपुर सीट को लेकर बड़ा बयान देते हुए सत्ता पक्ष और अपनी ही पार्टी के नेताओं को खुली नसीहत दे डाली है। करण माहरा ने साफ शब्दों में कहा कि सत्ता किसी के बाप की बपौती नहीं होती। यह बयान सीधे तौर पर जहां बीजेपी और मौजूदा विधायक विनोद चमोली पर हमला माना जा रहा है, वहीं कांग्रेस के उन नेताओं के लिए भी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है, जो इस सीट को पहले से ही अपनी मानकर चल रहे हैं।
धर्मपुर को हॉट सीट बताते हुए करण माहरा ने कहा कि राजनीति में किसी को भी अहंकार नहीं करना चाहिए। जनता ही असली मालिक है और वही तय करती है कि किसे सत्ता में रखना है और किसे बाहर का रास्ता दिखाना है। उन्होंने बीजेपी विधायक विनोद चमोली पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी नेता को खुद को अजेय समझने की भूल नहीं करनी चाहिए।
अपने बयान को मजबूती देने के लिए करण माहरा ने देश के बड़े नेताओं का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे कद्दावर नेता भी चुनाव हार सकते हैं, तो फिर विनोद चमोली खुद को अपराजेय क्यों समझ रहे हैं। यह बयान साफ तौर पर बीजेपी के भीतर बढ़ते आत्मविश्वास और कथित अहंकार पर करारा प्रहार माना जा रहा है।
करण माहरा ने आरोप लगाया कि बीजेपी की राजनीति में अक्सर ओवर-कॉन्फिडेंस हावी रहता है और धर्मपुर सीट पर भी उसी अहंकार की झलक देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।
कुल मिलाकर धर्मपुर विधानसभा सीट पर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। एक ओर जहां बीजेपी अपनी सीट बचाने की रणनीति में जुटी है, वहीं कांग्रेस इस सीट को भुनाने के लिए पूरी ताकत लगाने के संकेत दे रही है। आने वाले दिनों में धर्मपुर सीट प्रदेश की सबसे दिलचस्प और निर्णायक सीटों में शामिल होती नजर आ रही है।


