देहरादून।
उत्तराखंड में नववर्ष 2026 के जश्न के दौरान शराब की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है। आबकारी विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 24 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच प्रदेश में 225 करोड़ रुपये से अधिक की शराब की बिक्री हुई। इस अवधि में कुल 1,53,782 पेटी शराब बेची गई, जो बीते वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है।
आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने बताया कि यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 2 हजार पेटी अधिक है। वर्ष 2024 के इसी अवधि में राज्य में कुल 1,51,562 पेटी शराब की बिक्री हुई थी। इस बार पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी, नववर्ष आयोजनों की व्यापकता और नियंत्रित आबकारी नीति के चलते शराब की खपत में इजाफा देखा गया। आयुक्त अनुराधा पाल के अनुसार, विभाग ने नववर्ष के दौरान राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ कानून व्यवस्था और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। नववर्ष के मद्देनज़र प्रदेश के प्रमुख पर्यटन जिलों—देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, उधमसिंहनगर और टिहरी गढ़वाल—में विशेष निगरानी रखी गई। आबकारी विभाग का अमला 24 घंटे फील्ड में सक्रिय रहा और बार, मदिरा दुकानों तथा अस्थायी वन-डे बार लाइसेंसों पर कड़ी नजर रखी गई।
आबकारी विभाग द्वारा इस अवधि में ‘डोंट ड्रिंक एंड ड्राइव’ अभियान को भी सख्ती से लागू किया गया। पुलिस और आबकारी विभाग के संयुक्त प्रयासों से चेकिंग अभियान चलाए गए, ताकि नशे की हालत में वाहन चलाने और अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया कि ओवररेटिंग, बिना लाइसेंस शराब परोसने और अवैध स्टॉकिंग की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो।
अधिकारियों का कहना है कि इस बार की आबकारी नीति के तहत लाइसेंस व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाया गया, जिससे वैध बिक्री को बढ़ावा मिला और अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगा। इसी का परिणाम रहा कि राज्य को रिकॉर्ड आबकारी राजस्व प्राप्त हुआ।
पर्यटन सीजन और नववर्ष के अवसर पर बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों ने भी शराब बिक्री को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। होटल, रेस्टोरेंट और बारों में नववर्ष पार्टियों के दौरान खपत में खासा इजाफा देखा गया।
आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने कहा कि विभाग आगे भी संतुलित नीति के तहत राजस्व वृद्धि, जनस्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के बीच तालमेल बनाए रखेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी अवैध शराब और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आबकारी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।


