उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर हाल ही में उपजे राजनीतिक असंतोष को शांत करने के लिए पार्टी के दिग्गज नेता सक्रिय हो गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का मजबूती से बचाव करते हुए उन्हें पार्टी का आधार स्तंभ बताया है। पार्टी अब पूरी तरह से ‘डैमेज कंट्रोल’ मोड में है, जहाँ वरिष्ठ नेता आपस में मुलाकातें कर गुटबाजी की खबरों को खारिज कर रहे हैं। साथ ही, पार्टी अपनी मजबूती के लिए आगामी महीनों में भाजपा के कई बड़े नेताओं को कांग्रेस में शामिल करने की रणनीति पर भी काम कर रही है।
हरीश रावत के प्रति अटूट विश्वास
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की निष्ठा और कार्यशैली पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। उन्होंने रावत की तुलना चट्टान से करते हुए कहा कि वे उत्तराखंड कांग्रेस के लिए एक बहुत बड़ा आधार हैं। गोदियाल के अनुसार, कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की बड़ी कलह नहीं है; जो कुछ भी मीडिया में चल रहा है, वह भाजपा द्वारा फैलाया गया भ्रम मात्र है।
कुनबा बढ़ाने की तैयारी और रणनीति
पार्टी की भविष्य की रणनीति पर चर्चा करते हुए गोदियाल ने खुलासा किया कि भाजपा के कई विधायक और बड़े नेता उनके संपर्क में हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में हर महीने पांच से सात बड़े नाम कांग्रेस का दामन थामेंगे। पार्टी अब ‘सर्वे’ के आधार पर केवल जिताऊ चेहरों पर ही दांव लगाने की योजना बना रही है, ताकि आगामी चुनावों में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत किया जा सके।
दिग्गजों की मुलाकात और एकजुटता का संदेश
पार्टी के भीतर संवाद को बेहतर करने के लिए नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के आवास पर जाकर उनसे लंबी चर्चा की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष भी फोन के जरिए इस बातचीत से जुड़े रहे। हालांकि इसे एक ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया गया, लेकिन असल में इसमें राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात, पार्टी की मजबूती और जनहित के मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ। पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के भी हरीश रावत से मिलने की संभावना है, जो पार्टी के भीतर बढ़ रही सक्रियता को दर्शाता है।

