Uttarakhand: CSD कैंटीन में अब नहीं मिलेगा सबसे पुराना “ओल्ड मोंक ब्रैंड”

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देहरादून। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट ने शराब के छह प्रसिद्ध ब्रांडों के नए ऑर्डर पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। CSD के आदेशों का पालन करते हुए उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा विभाग ने आबकारी विभाग को पत्र भेजकर इन ब्रांडों के आयात और परिवहन परमिट तुरंत रोकने के निर्देश दिए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए 11 अगस्त 2026 को मुंबई स्थित CSD की मद्य एवं खाद्य शाखा ने सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश जारी किए थे। इसके तहत प्रतिबंधित छह ब्रांडों के लंबित ऑर्डर को परमिट में बदलने और नए परमिट जारी करने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है।

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कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट की आपूर्ति से रोके गए 6 प्रमुख ब्रांडों में ओल्ड मोंक गोल्ड रिजर्व रम, ओल्ड मोंक द लीजेंड रम, ओल्ड मोंक मैच्योर्ड रम, मैकडावेल्स नंबर-1 सेलिब्रेशन मैच्योर्ड रम, एंटीक्वटी ब्लू व्हिस्की और रायल चैलेंज व्हिस्की शामिल हैं।

बता दें कि उत्तराखंड के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आबकारी विभाग से इन छह ब्रांडों के आयात और परिवहन परमिट पर तत्काल रोक लगाने का अनुरोध किया है। आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने बताया कि CSD के आदेश के क्रम में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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FSSAI द्वारा 2 अगस्त को दी गई जानकारी के अनुसार, प्रयोगशाला जांच में इन शराब ब्रांडों के कई नमूने सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। जांच में सामने आया कि कुछ निर्माताओं द्वारा उत्पादों में बाहरी फ्लेवर मिलाया गया था, जिससे रम या व्हिस्की में प्राकृतिक स्वाद और सुगंध का आभास कराया जा सके।

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नियामक मानकों के अनुसार, ऐसे उत्पादों को उनकी वास्तविक प्रकृति के आधार पर ‘फ्लेवर्ड/प्रीमिक्स रम’ या ‘व्हिस्की-फ्लेवर्ड स्पिरिट’ के रूप में लेबल करना अनिवार्य है। FSSAI के दिशा-निर्देशों का अनुपालन न करने के कारण ही CSD और खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन ब्रांडों की आपूर्ति पर यह सख्त कदम उठाया है।

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