उत्तराखंड में मतदाता सूची को लेकर भ्रम दूर, 85% मैपिंग पूरी

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उत्तराखंड में मतदाता सूची को लेकर कुछ अखबारों में आई खबरों के बाद अब चुनाव विभाग ने स्थिति साफ कर दी है। राज्य के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार जोगदंडे ने प्रेस वार्ता में बताया कि अभी राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन शुरू नहीं हुआ है, फिलहाल उसकी तैयारी चल रही है। इसके तहत 2025 की वोटर लिस्ट में शामिल नामों को 2003 की लिस्ट से मिलाया जा रहा है। जिन लोगों का नाम 2003 की लिस्ट में नहीं है, उनका रिकॉर्ड उनके माता-पिता के आधार पर जोड़ा जा रहा है। इस प्रक्रिया में अब तक करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि देहरादून और उधम सिंह नगर में प्रगति थोड़ी धीमी है।

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अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि किसी भी मतदाता को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर किसी को अपने नाम को लेकर संदेह है तो वह अपने बीएलओ से संपर्क कर सकता है या भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना नाम चेक कर सकता है। इसके अलावा 1950 टोल फ्री नंबर पर कॉल करके भी जानकारी ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों के सहयोग से राज्य में 19 हजार से ज्यादा बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए जा चुके हैं, जो घर-घर जाकर सत्यापन में मदद कर रहे हैं और मतदाता सूची अपडेट करने का काम लगातार आगे बढ़ रहा है।