सीएम धामी का मास्टर स्ट्रोक….राजनीति करने से फिर महरूम हुए नेता, अंकिता हत्याकांड वीआईपी की अब सीबीआई करेगी जांच,

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देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी जांच को लेकर लंबे समय से चल रही राजनीति पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में एकाएक विराम लग गया है और सरकार ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह जनभावनाओं के साथ खड़ी है तथा मामले में किसी भी प्रकार का संदेह या भ्रम नहीं रहने देना चाहती।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि इससे आम लोगों की भावनाएं गहराई से जुड़ी हुई हैं। वीआईपी एंगल को लेकर फैली अफवाहों और अपवादों के चलते समाज में अविश्वास की स्थिति बन रही थी, जिसे खत्म करना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सीबीआई जांच का फैसला लिया है, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच हो सके।
मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि राज्य सरकार किसी भी दोषी को बख्शने के पक्ष में नहीं है, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सीबीआई जांच से सच्चाई सामने आएगी और जिन लोगों ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया है, उन्हें कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है, न कि किसी राजनीतिक दबाव में निर्णय लेना।
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के सामने आने के बाद से ही प्रदेश में लगातार विरोध प्रदर्शन, बयानबाजी और वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। विपक्षी दलों द्वारा बार-बार सरकार पर जांच को प्रभावित करने के आरोप लगाए जा रहे थे, वहीं सोशल मीडिया और जनसभाओं में भी वीआईपी एंगल को लेकर चर्चाएं तेज थीं। इन हालातों में मुख्यमंत्री का सीबीआई जांच का फैसला सरकार की मंशा को स्पष्ट करने वाला माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सीबीआई जांच के आदेश से न केवल विपक्ष के आरोपों पर विराम लगेगा, बल्कि जनता के बीच यह संदेश भी जाएगा कि सरकार किसी दबाव में नहीं है। इससे राज्य की कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा मजबूत होगा। वहीं, आम जनता और सामाजिक संगठनों ने भी मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे जनभावनाओं का सम्मान बताया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां न्याय के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने दोहराया कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर काम कर रही है। सीबीआई जांच के आदेश के साथ ही यह उम्मीद जताई जा रही है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की हर परत खुलेगी और सच पूरी तरह सामने आएगा, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय और प्रदेशवासियों को संतोष मिल सकेगा।