बिहार तक जा सकती है सीबीआई, एम्स ऋषिकेश की जांच में हो सकता है जल्द बड़ा खुलासा

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देहरादून,एम्स ऋषिकेश में मशीनों और सामान की खरीद-फरोख्त में हुई धांधली मामले में आज सीबीआई ने चार राज्यों दिल्ली, हरियाणा, यूपी और उत्तराखंड में 24 ठिकानों पर तलाशी ली है। इसके साथ सीबीआई ने आज दो अलग-अलग मुकदमें इस मामले में किए हैं। इन मुकदमों में चार डाॅक्टर समेत 11 अन्य स्टाफ के लोग शामिल हैं। तलाशी की भनक लगने से पहले सभी आरोपी अपने-अपने ठिकानों से फरार हो गए। सीबीआई की टीम ने अन्य राज्यों के साथ ही उत्तराखंड के ऋषिकेश में भी जगह-जगह आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान आरोपियों में हड़कंप मचा रहा। अब देखना होगा कि मामले में सीबीआई किस किस को और कब तक सलाखों के पीछे भेजती है। सूत्रों के अनुसार बिहार के बड़े नेता पुत्र भी एम्स ऋषिकेश में कई बड़े गुल खिला चुका है।।

बता दें कि इससे पहले तीन फरवरी 2022 को सीबीआइ ने एम्स का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में सड़क की सफाई करने वाली मशीन की खरीद में घपलेबाजी पाई गई है। मशीन की खरीद करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। कमेटी में डा. बलराम संकाय प्रभारी अस्पताल स्टोर, डा. बृजेंद्र सिंह विभागाध्यक्ष शारीरिक विज्ञान, डा. अनुभा अग्रवाल डीएमएस, दीपक जोशी लेखा अधिकारी व शशिकांत प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। सीबीआई के अफसरों के अनुसार निविदा प्रक्रिया में घपलेबाजी करते हुए कमेटी ने योग्य कंपनी को बाहर करते हुए अयोग्य कंपनी को टेंडर दिया और दो करोड़ रुपये की मशीन खरीद की जो कि सिर्फ कुछ दिन ही ही चली। इस मामले में चार चिकित्सकों सहित प्रो मेडिक डिवाइस के प्रोपराइट पुनीत शर्मा और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

इसके अलावा एम्स ऋषिकेश में केमिस्ट की दुकान का टेंडर आबंटित करने में अनियमित्ताएं पाई गईं। टेंडर लेने के लिए मैसर्स त्रिवेणी सेवा फार्मेसी की ओर से जो दस्तावेज लगाए गए हैं, वह सहीं नहीं पाए गए। इस मामले में सीबीआइ की ओर से ग्राम शेरगढ़ टापू, जिला करनाला हरियाणा निवासी पंकज शर्मा पार्टनर मैसर्स त्रिवेणी सेवा फार्मेसी, पथेरा जिला कमल करनाल हरियाणा निवासी शुभम शर्मा, मैसर्स त्रिवेणी सेवा फार्मेसी और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में आज उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली सहित 24 अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। जांच जारी है।