ऊधमसिंह नगर पुलिस और एसओजी (SOG) ने एक संयुक्त ऑपरेशन में अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सितारगंज क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 5 अवैध हथियार, 222 कारतूस और 129 खोखे बरामद किए हैं। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पकड़े गए गिरोह के तार प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ‘अल बदर’ से जुड़े हो सकते हैं। एसएसपी अजय गणपति के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों की जांच में जम्मू-कश्मीर की कई बैंक शाखाओं से संदिग्ध लेनदेन के सबूत मिले हैं, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर गहन जांच शुरू कर दी गई है।
घेराबंदी कर पकड़े गए तस्कर
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तस्कर अवैध हथियारों के साथ किसी बड़ी वारदात या सप्लाई की फिराक में हैं। पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की एक कार की घेराबंदी की और सिडकुल फेज-2 के पास दो आरोपियों—हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा उर्फ रानू—को दबोच लिया। आरोपी बुधवार रात हथियारों को चोरगलिया के जंगलों में छिपाने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
आतंकी संगठन ‘अल बदर’ और जम्मू-कश्मीर कनेक्शन
जांच में यह बात सामने आई है कि जम्मू-कश्मीर के सोपियां निवासी ‘रेहान मीर’, जो आतंकी संगठन अल बदर का ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) है, इस नेटवर्क का मुख्य हिस्सा है। रेहान मीर द्वारा पकड़े गए आरोपियों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन पैसों के बदले आरोपियों ने हथियारों की सप्लाई की थी।
तकनीकी जांच और चौंकाने वाले खुलासे
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के विश्लेषण से कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि होने के बाद यह मामला अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ गया है। ऊधमसिंह नगर पुलिस लगातार दिल्ली और जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में है ताकि इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक पहुंचा जा सके।

