भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत अब देश के राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे खाली पड़ी जमीन पर औषधीय पौधों के बाग लगाए जाएंगे, जिन्हें ‘आरोग्य वन’ नाम दिया गया है। NHAI द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क किनारे उपलब्ध खाली भूमि का सदुपयोग करना और पर्यावरण को स्वच्छ बनाना है। इन वनों में ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जो न केवल प्रदूषण कम करेंगे बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होंगे।
पहले चरण में 67 हजार से अधिक पौधों का रोपण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण के लिए NHAI ने 17 अलग-अलग स्थानों को चिन्हित किया है। इन स्थानों पर कुल 62.8 हेक्टेयर खाली भूमि उपलब्ध है, जिस पर लगभग 36 विभिन्न प्रजातियों के 67,462 औषधीय पौधे रोपे जाएंगे। यह रोपण कार्य बहुत ही वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कृषि-जलवायु परिस्थितियों का ध्यान रखा जाएगा ताकि पौधे बेहतर तरीके से फल-फूल सकें।
जैव विविधता और पर्यावरण को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय एजेंसी NHAI का कहना है कि इस पहल का सबसे बड़ा लाभ राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे जैव विविधता को बढ़ाना है। औषधीय पौधों के विकसित होने से न केवल हरियाली बढ़ेगी, बल्कि यह स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती प्रदान करेगा। यह कदम टिकाऊ विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा, जिससे भविष्य में यात्रियों को हाईवे पर एक स्वच्छ और सुखद वातावरण मिल सकेगा।

