नई टिहरी के दौरे पर आए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्यमंत्री अजय टम्टा ने घोषणा की है कि केंद्र सरकार सीमा (बॉर्डर) से सटे हर गांव को पक्की सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बॉर्डर की सड़कों को आधुनिक तकनीक से लैस और सुविधाजनक बनाया जा रहा है, ताकि न केवल स्थानीय निवासियों को आवागमन में आसानी हो, बल्कि हमारे सैनिकों और अर्द्धसैनिक बलों की पहुंच भी दुर्गम क्षेत्रों तक सुगम हो सके। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती ग्रामीण विकास के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सैनिकों और स्थानीय लोगों के लिए सुगम आवागमन
मंत्री अजय टम्टा ने जोर देकर कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाने का मुख्य उद्देश्य कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। आधुनिक सड़कों के निर्माण से सेना की रसद और मूवमेंट तेज होगी, साथ ही दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंचने में कम समय लगेगा। सरकार इन क्षेत्रों में ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ पर विशेष ध्यान दे रही है।
टिहरी झील की वैश्विक पहचान और जल क्रीड़ा
टिहरी झील के कोटि कॉलोनी में आयोजित 25वीं अखिल भारतीय पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर प्रतियोगिता के दूसरे दिन का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल क्रीड़ाओं के माध्यम से टिहरी झील ने अब दुनिया भर में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना ली है। उन्होंने आईटीबीपी, सेना और पुलिस के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ये बल न केवल सुरक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि खेलों के माध्यम से समाज को एक नई दिशा देने का कार्य भी कर रहे हैं।
खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन
कार्यक्रम के दौरान मंत्री टम्टा ने प्रतियोगिता में भाग ले रहे विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

