बदरीनाथ हाईवे पर सफर हुआ सुरक्षित: क्षेत्रपाल भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट पूरा

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बदरीनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। हाईवे पर पिछले कई सालों से परेशानी का सबब बने ‘क्षेत्रपाल भूस्खलन जोन’ को अब पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास निगम (NHIDCL) ने करीब 400 मीटर के इस खतरनाक हिस्से में सुधार कार्य पूरा कर लिया है। अब यात्रियों को यहाँ भूस्खलन के डर से रुकना नहीं पड़ेगा और न ही मलबे की वजह से यात्रा बाधित होगी। सड़क चौड़ीकरण और डामरीकरण का काम अब अपने अंतिम चरण में है।

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चट्टानों को लोहे की जाली से बांधा

इंजीनियरों ने इस संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा के आधुनिक तरीके अपनाए हैं। भूस्खलन रोकने के लिए ढलान वाली चट्टानों को लोहे की मजबूत जालियों से सुरक्षित किया गया है। इसके अलावा, मिट्टी को अपनी जगह स्थिर रखने के लिए विशेष रासायनिक तरल ‘स्टेबलाइजर्स’ का छिड़काव भी किया गया है, जिससे बारिश के दौरान पहाड़ खिसकने का खतरा कम हो जाएगा।

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7 साल की समस्या का समाधान

क्षेत्रपाल का यह हिस्सा पिछले सात सालों से ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत चुनौतीपूर्ण बना हुआ था। साल 2022 में यहाँ हुए भारी भूस्खलन के कारण बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा तीन दिनों तक रुकी रही थी। साल 2024 में भारत सरकार से मिली विशेष स्वीकृति के बाद यहाँ तेजी से काम हुआ और अब अलकनंदा नदी की ओर मलबे का निस्तारण कर मार्ग को सुगम बना दिया गया है।

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चौड़ीकरण और डामरीकरण अंतिम चरण में

हाईवे के इस हिस्से में केवल सुरक्षा कार्य ही नहीं, बल्कि सड़क को चौड़ा करने का काम भी किया गया है। अंधे मोड़ों को खत्म कर दिया गया है ताकि बड़ी बसें आसानी से गुजर सकें। वर्तमान में डामरीकरण (Blacktopping) की तैयारी चल रही है, जिसके पूरा होते ही यात्रियों को हिचकोले खाने से मुक्ति मिल जाएगी।

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