देहरादून, उत्तराखंड— राज्य का आबकारी महकमा लगातार तरक्की की राह पर अग्रसर है। इस बार सरकार ने ऐसी आबकारी नीति तैयार की है जो व्यापारियों और स्थानीय लोगों के लिए अत्यधिक लाभकारी साबित हो रही है। नई नीति के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ FL-2 श्रेणी में भी मूल निवासियों को मौका दिया गया है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।प्रदेश सरकार ने इस बार आबकारी नीति में कई अहम बदलाव किए हैं, जिनका लाभ व्यापारी और उपभोक्ता दोनों को मिलेगा। खासतौर पर, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे राज्य में निर्मित शराब और अन्य उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा। इस कदम से स्थानीय उद्योगों को भी नया जीवन मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
FL-2 लाइसेंस के लिए अब मूल निवासियों को मौका दिया गया है, जिससे राज्य के लोगों को भी व्यापार में भागीदारी का अवसर मिलेगा। इससे पहले, इस श्रेणी में बाहरी व्यापारियों का ही वर्चस्व रहता था, लेकिन अब यह नीति स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक होगी।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
नई नीति के तहत सरकार ने शराब की दुकानों पर स्थानीय निवासियों को ही सेल्समैन के रूप में नियुक्त किए जाने का प्रावधान किया है। इस पहल से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे राज्य में बेरोजगारी की दर को कम करने में मदद मिलेगी।
व्यापारियों में उत्साह, ठगे जाने की भावना खत्म
पहले व्यापारी खुद को ठगा महसूस करते थे, लेकिन इस बार सरकार द्वारा बनाई गई नीति से वे संतुष्ट नजर आ रहे हैं। नई नीति में व्यापारियों को मुनाफे का संतुलन बनाए रखने के अवसर दिए गए हैं, जिससे उनके चेहरे पर रौनक देखी जा सकती है। सरकार ने व्यापारियों की सहूलियत का पूरा ध्यान रखा है, जिससे उन्हें कारोबार करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
नीति का सकारात्मक असर
नई आबकारी नीति का असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिलेगा। लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार देने से राज्य की आय में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही, अवैध शराब की बिक्री पर भी लगाम लगने की उम्मीद है, जिससे सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
सरकार की बड़ी पहल
सरकार और आबकारी विभाग के अधिकारियों ने इस नीति को व्यापारियों और आम जनता के हित में बताया है। उनका कहना है कि सरकार की मंशा राज्य के आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने की है।
उत्तराखंड की नई आबकारी नीति राज्य के लोगों और व्यापारियों दोनों के लिए एक संतुलित और लाभकारी नीति साबित हो रही है। इससे जहां व्यापारियों को मुनाफे का अवसर मिलेगा, वहीं स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। यह नीति राज्य की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और आने वाले समय में प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

