राज्य सरकार करेगी केंद्र से स्पेशल कोटे की गुजारिश

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तकरीबन पूरी दुनिया के साथ-साथ उत्तराखंड भी एलपीजी गैस का संकट झेल रहा है। इसी महीने 19 तारीख को उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू हो जाएगी। जाहिर सी बात है कि चार धाम पर श्रद्धा रखने वाले देश भर के श्रद्धालु आस्था के साथ उत्तराखंड का रुख करेंगे। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती एलपीजी आपूर्ति की हो गई है।

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दरअसल श्रद्धालु खाने-पीने के लिए होटल ढाबों पर निर्भर रहेंगे। लिहाजा उत्तराखंड सरकार ने सिलेंडर्स की किल्लत से निजात पाने के लिए अपना होमवर्क पूरा कर लिया है। इसके लिए राज्य सरकार केद्र से स्पेशल कोटे की गुजारिश करने जा रही है।
सूबे के खाद्य सचिव आनन्द स्वरूप से तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा सीजन में लगने वाले सिलेंडर्स का गुणा-भाग कर लिया है। माना जा रहा है कि चार धाम यात्रा रूट पर हर दिन तकरीबन पांच हजार कॉमर्शियल की खपत होती है।

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हालांकि अब की दफे यात्रा रूट पर पंजीकृत ढाबे, होटल, गेस्ट हाऊस, होमस्टे समेत दूसरे वाणिज्यिक संस्थानो की तादाद में इजाफा हुआ है। लिहाजा माना जा रहा है कि इस साल कॉमर्शियल सिलेंडर्स की मांग भी बढेगी।
अनुमान है कि चारधाम यात्रा 9 लाख 67 हजार 950 सिलेंडर्स की जरूरत होगी। लिहाजा राज्य सरकार इस जरूरत को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार से विशेष कोटे की मांग करेगी ताकि चार धाम यात्रा बिना विघ्न का संपन्न हो सके।