उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सेहत को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। देहरादून में चारधाम यात्रा मार्ग पर तैनात होने वाले चिकित्सा अधिकारियों के अंतिम बैच का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।
बीती 27 अप्रैल से शुरू होकर 18 मई तक चले इस गहन अभियान के दौरान करीब 200 चिकित्सा अधिकारियों को पर्वतीय क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए तैयार किया गया है। सोमवार को आयोजित समापन समारोह में प्रशिक्षण देने वाले मास्टर ट्रेनर्स जैसे डॉ. अतुल कुमार सिंह, डॉ. आरपी खंडूरी, डॉ. अनुल जोशी, डॉ. शोभा, डॉ. दीपिका और डॉ. अंकुर पांडे को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया।
पर्वतीय बीमारियों और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के गुर
चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. अजय आर्या ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रत्येक डॉक्टर के बैच को दो दिनों का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान चिकित्सकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं जैसे कि एक्यूट माउंटेन सिकनेस, हाई एल्टीट्यूड सेरेब्रल एडिमा यानी दिमाग में सूजन और हाई एल्टीट्यूड पल्मोनरी एडिमा यानी फेफड़ों में पानी भरना जैसी आपातकालीन स्थितियों से तुरंत निपटने के विशेष गुर सिखाए गए।
इसके अलावा डॉक्टरों को एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट, सांस लेने में होने वाली तकलीफ, विषाक्तता, अत्यधिक ठंड से लगने वाली चोटों और वायुमार्ग से संबंधित गंभीर स्थितियों को समय रहते नियंत्रित करने का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया ताकि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को तुरंत राहत मिल सके। इस महत्वपूर्ण अवसर पर दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. गीता जैन, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवींद्र सिंह बिष्ट और डीएमएस डॉ. नंदन सिंह बिष्ट सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

