देहरादून: DM सविन बंसल के छापे में सेवानवृत अधिकारी शामिल, वायरल फोटो पर उठे सवाल

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देहरादून में आंगनबाड़ी केंद्रों को भेजे जा रहे राशन की सप्लाई में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने शिकायतों के बाद खुद सेंट्रल गोदाम पर अचानक छापेमारी की, जहां निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। गढ़वाल और कुमाऊँ के आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजी जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल अचानक माड़ी चौक स्थित सेंट्रल गोदाम पहुंच गए और पूरे स्टॉक का मौके पर निरीक्षण कराया।
निरीक्षण के दौरान गोदाम में कई पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट संदिग्ध पाई गई। वहीं कुछ पैकेट ऐसे भी मिले जिन पर तारीख का कोई स्पष्ट उल्लेख तक नहीं था। इस पर डीएम ने अधिकारियों को तुरंत जांच के निर्देश दिए।

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छापेमारी के दौरान गोदाम में बाल श्रमिकों से काम कराए जाने का मामला भी सामने आया। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने गोदाम संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए रवाना हो रहे वाहनों को भी मौके पर रुकवाया गया और अंडों समेत अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए। इस कार्रवाई के बाद कई जिलों में भेजी जा रही आंगनबाड़ी राशन सप्लाई की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल डीएम की इस छापेमारी के बाद आंगनबाड़ी राशन व्यवस्था में लापरवाही और गड़बड़ियों को लेकर प्रशासनिक सख्ती साफ दिखाई दे रही है।

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छापा बना सुर्खियों की वजह

अब इस छापेमारी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। तस्वीर में जिलाधिकारी के साथ सेवानिवृत्त मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजेश कपिल भी नजर आ रहे हैं। यही तस्वीर सोशल मीडिया पर बहस का कारण बन गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि सेवा समाप्त होने के बाद कोई सेवानिवृत्त अधिकारी प्रशासनिक छापेमारी की कार्रवाई में कैसे शामिल हो सकता है। बताया जा रहा है कि यह छापेमारी रुड़की क्षेत्र के एक गोदाम में की गई थी, जहां टीम ने मौके पर स्टॉक और दस्तावेजों की जांच की।

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हालांकि इस पूरे विवाद को लेकर अभी तक जिलाधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल इस मामले पर सबकी नजर प्रशासन के स्पष्टीकरण पर टिकी हुई है कि आखिर छापेमारी के दौरान सेवानिवृत्त अधिकारी की मौजूदगी को लेकर क्या स्थिति रही। आंगनबाड़ी राशन सप्लाई में गड़बड़ी के साथ अब प्रशासनिक प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल इस मामले को और भी संवेदनशील बना रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे विवाद पर क्या सफाई देता है।

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