उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने की तैयारी, अल्मोड़ा दौरे पर बोले मुख्यमंत्री धामी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए गढ़वाल की तरह ही कुमाऊं क्षेत्र के मानसखंड में भी प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण किया जा रहा है। सरकार बहुद्देशीय शिविरों के जरिए आम लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है और अल्मोड़ा में करीब 77 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि देवभूमि के धार्मिक और सांस्कृतिक चरित्र की रक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी और ऐसी किसी सोच या गतिविधि को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा, जो उत्तराखंड की आस्था और पहचान को कमजोर करे।

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जन-जन तक पहुंचने की तैयारी, विकास की रफ्तार तेज


राज्य सरकार हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए बहुद्देशीय शिविर, तहसील दिवस और ‘जन जन की सरकार, जन जन के द्वार’ जैसे कार्यक्रम लगातार चला रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ताड़ीखेत के श्रद्धानंद मैदान में हुई सभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान बना रहा है तथा कई राष्ट्रीय रैंकिंग में राज्य अग्रणी स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने बताया कि रिवर्स पलायन में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और स्वास्थ्य, शिक्षा व पेयजल योजनाओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।

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अल्मोड़ा जिले में हजारों करोड़ रुपये की लागत से नए मोटरमार्गों के निर्माण और पुरानी सड़कों के सुधारीकरण का काम हो रहा है, वहीं अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटें बढ़ाने के साथ 36 नए आईसीयू स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जिलेभर में लगभग 77 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति को सशक्त बनाने के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण, उज्ज्वला योजना के जरिए रसोई गैस सुविधा और 1.68 लाख से अधिक महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाकर आत्मनिर्भर बनाया गया है। रोजगार बढ़ाने और पलायन रोकने के लिए पर्यटन समेत कई क्षेत्रों में नए अवसर तैयार किए गए हैं, जिससे रिवर्स पलायन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

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