उत्तराखंड में इन दिनों केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के नाम परिवर्तन किए जाने पर सियासी घमासान मचा हुआ है, वहीं मनरेगा नाम परिवर्तन के बाद कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए भाजपा के इस कदम की तुलना गरीबों के हक पर डाका डालने के साथ करी है। वहीं उत्तराखंड भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर सफाई पेश करी गई, दरअसल, हल्द्वानी स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में आज नैनीताल एवं ऊधम सिंह नगर के सांसद अजय भट्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मनरेगा का नाम बदलकर VB-G RAMG किए जाने को लेकर विस्तृत रूप से अपनी बात रखी। सांसद भट्ट ने कहा कि यह निर्णय किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक कारणों से नहीं बल्कि योजना को और भी अधिक प्रभावी, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
कांग्रेस कार्यकाल में बदले थे 600 योजनाओं के नाम
सांसद अजय भट्ट ने कहा कि मनरेगा योजना के संचालन के दौरान कई स्थानों पर गंभीर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार सामने आए थे, जिसमें फर्जी जॉब कार्ड, कागजों में काम और मजदूरी के नाम पर घोटालों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन्हीं कारणों से योजना की व्यापक समीक्षा की गई और उसके स्वरूप में बदलाव करते हुए इसे नए नाम VB-G RAMG के तहत लागू किया गया, ताकि योजना की नई पहचान के साथ नई कार्यप्रणाली भी सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नाम परिवर्तन के साथ-साथ योजना की निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। अब तकनीक के माध्यम से कार्यों की मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे वास्तविक लाभार्थियों तक सीधा लाभ पहुंचे और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगे। अजय भट्ट ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ नाम बदलना नहीं, बल्कि योजना को परिणाम-मुखी बनाना है। इस दौरान सांसद ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकारों ने अपने कार्यकाल में कम से कम 600 योजनाओं के नाम बदले हैं, लेकिन आज वही कांग्रेस भाजपा सरकार के फैसलों पर सवाल उठा रही है। सांसद अजय भट्ट ने कांग्रेस के इस “मनरेगा बचाओ अभियान” को पूरी से राजनीतिक पाखंड बताया है।


