टिहरी जिले को डबल इंजन के दौर में बड़ा तोहफा मिला है। टिहरी का मदननेगी इलाका अब उन खुशनसीब इलाकों में शामिल हो गया है जिनके पास केंद्रीय विद्यालय जैसा स्कूल है। जब पहाड़ों से होते पलायन के सबसे बड़े कारणों में बेपटरी तालीम के इंतजामात भी हों उस वक्त में केंद्रीय विद्यालय की सौगात को बेहतरीन तोहफा करार दिया जाएगा। बहरहाल सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने इसके लिए केद्र की मोदी सरकार को थैंक्यू कहा है।
केंद्रीय विद्यालय संगठन ने मदननेगी में नए केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। इस विद्यालय का शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही प्रारंभ हो जाएगा। तय है कि केंद्रीय विद्यालय के बनने के बाद टिहरी झील के पार प्रतापनगर विकासखंड को बच्चों को उस दर्जे की तालीम मिलेगी जिसकी ख्वाहिश के चलते पहाड़ी अपनी जड़ों से दूर हो रहे हैं, अपनी शानदार तिबारी वाले मकानों को छोड़कर शहर बाजारों में किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं।
बहरहाल सीएम धामी ने जहां इसके लिए पीएम का शुक्रिया अदा किया है वहीं उन्होने कहा कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से मदननेगी एवं आसपास के क्षेत्र में नौनिहालों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर शैक्षणिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लाने एवं उनके भविष्य को संवारने के लिए संकल्पित है।

नए केन्द्रीय विद्यालय का संचालन प्रारंभिक चरण में कक्षा 1 से 5 तक (प्रत्येक कक्षा में एक सेक्शन) किया जाएगा, जिसे आवश्यकता एवं स्वीकृति के अनुसार आगामी वर्षों में क्रमिक रूप से विस्तारित किया जाएगा। साथ ही प्रवेश प्रक्रिया सभी आवश्यक औपचारिकताओं के पूर्ण होने के 30 दिनों के भीतर प्रारंभ कर दी जाएगी। गौरतलब है कि यह निर्णय भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति के क्रम में लिया गया है, जिसके तहत देश भर में 85 नए केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने हैं। मदननेगी, टिहरी गढ़वाल का यह विद्यालय उन्हीं स्वीकृत विद्यालयों में शामिल है।

