उत्तराखंड में शिक्षा विभाग का ऐतिहासिक कदम; सत्र शुरू होते ही 23 लाख छात्रों को मिलीं मुफ्त किताबें

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उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जानकारी दी है कि राज्य गठन के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही छात्रों को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा दी गई हैं। पिछले कई वर्षों से किताबें देरी से मिलने की जो परंपरा चली आ रही थी, उसे तोड़ते हुए विभाग ने रिकॉर्ड समय में कक्षा 1 से 12वीं तक के बच्चों को किताबें वितरित की हैं। अब तक कुल 23,71,789 मुफ्त किताबें बांटी जा चुकी हैं, जिससे छात्रों में पढ़ाई के प्रति भारी उत्साह देखा जा रहा है।

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सत्र शुरू होते ही वितरण का बना रिकॉर्ड

शिक्षा विभाग के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 के आगाज के साथ ही स्कूलों में वितरण प्रक्रिया पूरी कर ली गई। विभाग को कुल 78,18,145 पुस्तकों की मांग प्राप्त हुई थी, जिसमें से अधिकांश पुस्तकें उपलब्ध करा दी गई हैं। शिक्षा मंत्री ने इसे विभाग की बड़ी उपलब्धि बताया है क्योंकि अब बच्चों को किताबों के लिए महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

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प्रमुख जिलों में वितरण के आँकड़े

राज्य के सभी जिलों में युद्ध स्तर पर किताबों का वितरण किया गया है। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुछ प्रमुख जिलों की स्थिति इस प्रकार है:

  • देहरादून: 4,36,134 पुस्तकें
  • हरिद्वार: 4,46,311 पुस्तकें
  • ऊधमसिंह नगर: 4,25,176 पुस्तकें
  • नैनीताल: 1,97,687 पुस्तकें
  • अल्मोड़ा: 1,37,334 पुस्तकें
  • पौड़ी: 1,07,799 पुस्तकें

शेष पुस्तकों के लिए निगरानी और निर्देश

शिक्षा मंत्री ने बताया कि जो कुछ पुस्तकें अभी शेष रह गई हैं, उनका वितरण भी बहुत तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से इसकी निगरानी करें ताकि किसी भी छात्र के पास किताबों की कमी न रहे। समय पर किताबें मिलने से छात्रों को अपनी पढ़ाई का आधार तैयार करने में मदद मिलेगी।