उत्तराखंड में गर्मी की शुरुआत के साथ ही बिजली की किल्लत महसूस होने लगी है। मार्च के महीने में ही बिजली कटौती शुरू होने के कारण ऊर्जा निगम सतर्क हो गया है। आने वाले मई और जून के महीनों में मांग और अधिक बढ़ने की संभावना को देखते हुए, ऊर्जा निगम ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर बिजली का अतिरिक्त कोटा आवंटित करने की मांग की है। बाजार में बिजली की दरें बढ़ने और बढ़ती मांग के बीच राज्य में संकट गहराने से पहले ही विभाग ने अन्य स्रोतों से भी बिजली जुटाने की तैयारी शुरू कर दी है।
मार्च में ही कटौती, मई-जून में बढ़ेगी मुश्किल
आमतौर पर बिजली की मांग गर्मियों के चरम पर बढ़ती है, लेकिन इस बार मार्च से ही कटौती का सिलसिला शुरू हो गया है। ऊर्जा निगम को डर है कि मई और जून में हालात 2024 जैसे हो सकते हैं, जब बिजली की मांग 64 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई थी। भीषण गर्मी के दौरान बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को पाटना विभाग के लिए बड़ी चुनौती साबित होने वाला है।
केंद्र से अतिरिक्त कोटे की मांग
बिजली संकट से निपटने के लिए ऊर्जा निगम ने केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है। हालांकि निगम ने इस साल 500 मेगावाट थर्मल पावर के लिए 2029 तक का करार (Agreement) किया है, लेकिन वर्तमान स्थितियों और बाजार में बिजली के बढ़ते दामों को देखते हुए अतिरिक्त कोटे की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी के चलते केंद्र को पत्र भेजकर जल्द से जल्द अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।

