राजधानी देहरादून की सड़कों के हालात इन दिनों कितने खस्ता हैं यह बात किसी से छिपी नहीं है, नव-निर्मित सड़कें हों यापुरानी जर्जर पड़ी सड़कें, अधिकतर सड़कों को विकास कार्यों के नाम पर बेतरतीब ढंग से खोदा गया है। वहीं राजधानी की सड़कों की दयनीय दुर्दशा पर अब जिलाधिकारी सविन बंसल का सब्र भी जवाब दे चुका है, जिलाधिकारी बंसल ने इस मुद्दे पर सख्त लहजा अपनाते हुए सड़कों की बेतरतीब खुदाई, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बार-बार प्रशासनिक हिदायत की अवहेलना को देखते हुए सड़क निर्माण और विकास कार्य में लगीं सात एजेंसियों की अनुमति को रद्द कर दिया है, लिहाजा अब यह कंपनियां फिलहाल आगे सड़कों की खुदाई नहीं कर सकेंगी।
इन एजेंसियों को प्राप्त अनुमति हुई रद्द
इस क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने विभिन्न कार्यों के लिए अधिशासी अभियंता (उत्तर) जल संस्थान, अधीक्षण अभियंता पिटकुल, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम (कौलागढ़ रोड), यूयूएसडीए, अधिशासी अभियंता ऊर्जा निगम (दक्षिण), अधिशासी अभियंता जल संस्थान (दक्षिण) और स्मार्ट सिटी को दी गई सभी अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर QRT द्वारा समय-समय पर किए अपने निरीक्षण में पाया कि निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा मानकों का घोर अभाव है। इसके लिए लापरवाह एजेंसियों के विरुद्ध एफआइआर और दंडात्मक कार्रवाई की गई। बावजूद इसके भी जब कार्यप्रणाली में सुधार नहीं पाया गया तो प्रशासन के पास मजबूरन रोड कटिंग की अनुमति निरस्त करने के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प नहीं बचा।
इन विभागों को 10 दिन में सड़क दुरुस्त करने का आदेश
देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल ने रोड कटिंग की अनुमति तो निरस्त की ही साथ ही साथ लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, नगर निगम और सड़क निर्माण से जुड़ी अन्य एजेंसियों को कड़े निर्देश भी दिए कि वह 10 दिन के भीतर सड़कों को पूर्व की स्थिति में लाएं, चूंकि राजधानी में हो रहे मरम्मत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता असहनिय और अक्षम्य होगी


