देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक नया रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। पुष्कर सिंह धामी अब भारतीय जनता पार्टी के उन मुख्यमंत्रियों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने राज्य में सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर बने रहने का इतिहास रचा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो 3 साल 356 दिन तक मुख्यमंत्री पद पर रहे थे। धामी का यह कार्यकाल राजनीतिक स्थिरता के लिहाज से खास माना जा रहा है, क्योंकि उत्तराखंड जैसे राज्य में अक्सर नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिलता रहा है। भाजपा के शासनकाल में भी अब तक कई बार मुख्यमंत्री बदले गए, लेकिन धामी ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लंबी पारी खेली है। यही वजह है कि उनका यह रिकॉर्ड पार्टी संगठन और सरकार दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धामी की कार्यशैली, संगठन के साथ तालमेल और केंद्र नेतृत्व का विश्वास उनके लंबे कार्यकाल की बड़ी वजह रही है। 2021 में मुख्यमंत्री बनने के बाद, 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को जीत दिलाकर उन्होंने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली। चुनाव के बाद दोबारा मुख्यमंत्री बनना उनके राजनीतिक करियर का अहम मोड़ साबित हुआ।
हालांकि, अगर पूरे उत्तराखंड के इतिहास की बात करें तो सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड अभी भी एनडी तिवारी के नाम है। कांग्रेस शासनकाल में एनडी तिवारी करीब पांच साल तक मुख्यमंत्री रहे और उन्होंने स्थिर सरकार चलाने का उदाहरण पेश किया। उनके बाद अब धामी भाजपा के भीतर सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री बनकर उभरे हैं।
धामी के कार्यकाल में राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और पर्यटन को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। खासतौर पर चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं में सुधार, सड़क और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स, और निवेश को आकर्षित करने के प्रयास उनकी प्राथमिकताओं में रहे हैं। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी उत्तराखंड सरकार ने पहल कर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी।
हालांकि विपक्ष लगातार सरकार पर बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाता रहा है। कई मुद्दों पर सरकार को आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री धामी ने अपनी कुर्सी को स्थिर बनाए रखा है।
राजनीतिक गलियारों में अब इस रिकॉर्ड को 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। जानकारों का मामन है कि धामी इसी तरह अपना कार्यकाल जारी रखते हुए एनडी तिवारी के रिकॉर्ड तोड़ कर इतिहास रच रकते है
कुल मिलाकर, पुष्कर सिंह धामी का यह रिकॉर्ड न सिर्फ उनके व्यक्तिगत राजनीतिक सफर की उपलब्धि है, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति में स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत भी माना जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले समय में वे इस रिकॉर्ड को और कितना आगे ले जा पाते हैं और राज्य की राजनीति में किस तरह की नई मिसाल कायम करते हैं।
सीएम “कुर्सी की कसौटी पर खरे उतर रहे पुष्कर सिंह धामी, रिकॉर्ड के तोड़ने के साथ मजबूत हो रहा कद”
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