मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, पद्म विभूषण से सम्मानित तथा उत्तराखंड के गौरव जनरल बिपिन रावत की जयंती पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर भावपूर्ण स्मरण किया। उन्होंने कहा कि मां भारती की सेवा में अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले जनरल बिपिन रावत अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के जीवंत प्रतीक थे। मुख्यमंत्री धामी ने जनरल रावत के राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा के प्रति समर्पण को हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बताया। उनका नेतृत्व, दूरदर्शिता और देश के प्रति अटूट निष्ठा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। जनरल बिपिन रावत उत्तराखंड के रोहता कलां गढ़वाल के जन्मे वीर सपूत थे, जिन्होंने भारतीय सेना में अपने 43 वर्षों के उज्ज्वल करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे पहले सिख रेजिमेंट के अधिकारी बने और बाद में सेना स्टाफ में विशेष संचालन निदेशालय के प्रमुख रहे। 2016 में वे भारतीय सेना के उपप्रमुख बने और 31 दिसंबर 2019 को भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त हुए। उनका योगदान राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य सुधारों और सीमा सुरक्षा में अतुलनीय रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल रावत का बलिदान और समर्पण युवाओं को देश सेवा का संदेश देता है।
उत्तराखंड सरकार उनके नाम पर कई योजनाएं चला रही है, जैसे जनरल बिपिन रावत युवा वाहिनी और सैनिक कल्याण बोर्ड। इस अवसर पर सीएम ने युवाओं से अपील की कि वे जनरल रावत के आदर्शों पर चलें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। यह जयंती हर वर्ष 16 मार्च को मनाई जाती है, जो उत्तराखंड में विशेष महत्व रखती है। जनरल रावत की पत्नी मधुलिका रावत सहित उनके परिवार को उत्तराखंड का गौरव माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने उनके साहसिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि तमिलनाडु हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनका बलिदान (2021) राष्ट्र को न झुकने देगा। उत्तराखंड में उनकी स्मृति में देहरादून में स्मारक और संग्रहालय बनाया गया है। यह समारोह राज्य की राजनीति और समाज में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करता है। पुष्कर सिंह धामी सरकार सैनिकों के कल्याण पर विशेष जोर दे रही ह

