चारधाम यात्रा 2026: सीएम धामी का सख्त सुरक्षा प्लान, कोई पैसेंजर लिमिट नहीं

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और तकनीक से लैस बनाने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड आने वाले हर श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। इस बार यात्रा को ‘ग्रीन और क्लीन’ बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसमें प्लास्टिक के उपयोग पर सख्त पाबंदी और कचरा प्रबंधन के लिए जगह-जगह कलेक्शन बॉक्स लगाए जाएंगे। साथ ही, यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी और उन पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।

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CCTV और AI से होगी निगरानी

यात्रा को हाईटेक बनाने के लिए सरकार इस बार सीसीटीवी (CCTV) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल करेगी। लगभग 1200 कैमरों के जरिए पूरी यात्रा मार्ग की निगरानी की जाएगी ताकि यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को real-time में सुधारा जा सके।

हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए सख्त नियम

बीते वर्षों में हुए हादसों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी कमर्शियल हेलीकॉप्टरों की नियमित फिटनेस जांच अनिवार्य होगी। साथ ही, ओवरलोडिंग को रोकने के लिए समय-समय पर सेवाओं को विश्राम दिया जाएगा और मौसम की सटीक जानकारी के आधार पर ही उड़ानें संचालित की जाएंगी।

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कोई यात्री सीमा लागू नहीं (No Passenger Limit)

एक राहत भरी खबर यह है कि इस बार प्रतिदिन दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या पर कोई अधिकतम सीमा (Limit) तय नहीं की गई है। सरकार का प्रयास है कि जो भी श्रद्धालु धाम पहुंचे, वह दर्शन जरूर करके जाए। हालांकि, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन स्लॉट मैनेजमेंट और डिजिटल मॉनिटरिंग का सहारा लिया जाएगा।

जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति और रेट लिस्ट

यात्रा मार्गों पर पेट्रोल, डीजल, गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी न हो, इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दुकानों पर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य होगा ताकि यात्रियों से ओवर-रेटिंग न की जा सके।

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भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक प्लान

श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबी लाइनों में न लगना पड़े, इसके लिए प्रभावी ‘स्लॉट प्रबंधन’ प्रणाली लागू की जाएगी। मुख्य चौराहों और बाजारों में पुलिस व होमगार्ड की पर्याप्त तैनाती होगी ताकि जाम की स्थिति पैदा न हो और ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहे।

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