आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल का बड़ा आदेश, नववर्ष ड्यूटी में अनिवार्य होगी वर्दी

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देहरादून।उत्तराखंड आबकारी विभाग में पहली महिला आयुक्त अनुराधा पाल के सख्त तेवर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगे हैं। विभागीय अनुशासन और प्रभावी प्रवर्तन को लेकर उन्होंने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि अब नियमों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग में जिला आबकारी अधिकारी स्तर तक के अधिकारियों के लिए वर्दी पहनना अनिवार्य है, लेकिन लंबे समय से यह देखने में आ रहा था कि कई अधिकारी वर्दी के बजाय सिविल ड्रेस में ही अधिक नजर आते हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए आयुक्त अनुराधा पाल ने सख्त आदेश जारी किए हैं कि नववर्ष 2026 के अवसर पर सभी अधिकारी वर्दी में रहकर ही अपनी ड्यूटी का निर्वहन करेंगे। आयुक्त का मानना है कि वर्दी में अधिकारियों की मौजूदगी से न केवल विभाग की पहचान स्पष्ट होगी, बल्कि आम जनता तक आबकारी विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई और नियमों की सही जानकारी भी प्रभावी ढंग से पहुंचेगी। इससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। नववर्ष 2026 के अवसर पर उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। आबकारी आयुक्त, उत्तराखंड देहरादून की ओर से जारी आदेश के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल, उधमसिंहनगर और नैनीताल जनपदों में संचालित समस्त बारों को विशेष प्रतिबंधों के तहत नववर्ष आयोजनों के दौरान संचालन की अनुमति दी जाएगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 30 दिसंबर 2025 से लेकर 1 जनवरी 2026 की देर रात तक सभी बारों का संचालन पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियमों के अनुरूप होना चाहिए। इस दौरान जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी आयुक्त, आबकारी निरीक्षक और प्रवर्तन इकाइयों का स्टाफ अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी तरह मुस्तैद रहेगा। सभी अधिकारी वर्दी में रहकर चेकिंग, निरीक्षण और निगरानी का कार्य करेंगे, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
बार संचालकों को कानून व्यवस्था और शांति व्यवस्था से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। आबकारी विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं कि “डोंट ड्रिंक एंड ड्राइव” अभियान का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही बार परिसरों के आसपास पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना भी संचालकों की जिम्मेदारी होगी, ताकि यातायात व्यवस्था बाधित न हो। आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि कहीं भी शांति व्यवस्था भंग होती है या अवैध रूप से मदिरा परोसने के मामले सामने आते हैं, तो आयोजकों के साथ-साथ उपभोक्ताओं के विरुद्ध भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में अर्थदंड के साथ-साथ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। आबकारी विभाग ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि नववर्ष के दौरान नियमों के उल्लंघन पर किसी भी स्तर पर कोई ढील नहीं दी जाएगी। आयुक्त अनुराधा पाल के इन सख्त निर्देशों के बाद विभागीय अमले में हलचल है और माना जा रहा है कि इस बार नववर्ष पर आबकारी विभाग की कार्रवाई पहले से कहीं अधिक सख्त और प्रभावी नजर आएगी।