केंद्र सरकार ने आईटी नियमों (IT Rules) में संशोधन का एक नया मसौदा (Draft) तैयार किया है, जिसके तहत अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इंफ्लुएंसर्स या आम यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए न्यूज़ और करंट अफेयर्स कंटेंट को हटाने का अधिकार सरकार के पास होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चल रही खबरों की बेहतर निगरानी करना और सरकारी निर्देशों को कानूनी रूप से अधिक प्रभावी बनाना है। मंत्रालय ने इस मसौदे पर 14 अप्रैल तक सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है।
आईटी नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव
सरकार ‘सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) द्वितीय संशोधन नियम, 2026’ के जरिए कानून को और अधिक स्पष्ट करना चाहती है। नए प्रस्ताव के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनियों को मंत्रालय द्वारा जारी आदेशों और दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर सरकार किसी न्यूज़ कंटेंट को नियमों के खिलाफ पाती है, तो वह उसे हटाने का आदेश दे सकेगी और कंपनियों को उसे मानना ही होगा।
इंफ्लुएंसर्स और आम यूजर्स पर निगरानी
इस नए नियम के दायरे में न केवल बड़े न्यूज पोर्टल, बल्कि सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और साधारण यूजर्स भी आएंगे। मंत्रालय के पास अब यह अधिकार होगा कि वह न्यूज़ कंटेंट शेयर करने वाले किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट की निगरानी कर सके। अब आम यूजर्स द्वारा पोस्ट की गई खबरों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी, ताकि न्यूज़ और करंट अफेयर्स से जुड़े कंटेंट की जवाबदेही तय की जा सके।

