मुख्यमंत्री धामी का बड़ा फैसला: उत्तराखंड के निकाय कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों का बढ़ा मानदेय

ख़बर शेयर करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित ‘निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा’ की आभार रैली के दौरान कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने राज्य के विकास और स्वच्छता बनाए रखने में निकाय कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। सरकार ने उनकी मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का आश्वासन दिया है और उनके आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

मानदेय में वृद्धि और विशेष आर्थिक सहायता

सरकार ने पर्यावरण मित्रों के मानदेय को बढ़ाकर अब 500 रुपये प्रतिदिन कर दिया है। इसके साथ ही, चारधाम यात्रा मार्गों पर काम करने वाले कर्मचारियों को विशेष महत्व देते हुए अतिरिक्त मानदेय, वर्दी और स्नोबूट (बर्फ में पहनने वाले जूते) खरीदने के लिए 2500 रुपये की सहायता देने का निर्णय लिया है।

यह भी पढ़ें -  चारधाम यात्रा होगी और भी सुगम: नेशनल हाईवे के रखरखाव के लिए 5 साल का ठेका, जानें क्या है पूरा प्लान

स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए बीमा योजना

कर्मचारियों के भविष्य और उनके परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 5 लाख रुपये का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस लागू करने का प्रावधान किया है। इसके साथ ही उन्हें ईपीएफ (EPF) और ईएसआई (ESI) जैसी सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें -  रुड़की में मनचलों की भरे बाजार धुनाई : महिला से छेड़छाड़ करनी पड़ी भारी

संविदा कर्मचारियों के वेतन में दोगुनी बढ़ोतरी

इस अवसर पर संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के लिए भी बड़ी राहत की खबर दी गई। मुख्यमंत्री ने उनके वेतन को 7500 रुपये से बढ़ाकर सीधा 15,000 रुपये करने का निर्णय लिया है, जिससे हजारों कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

यह भी पढ़ें -  भ्रष्टाचार पर सीएम धामी की ‘नो कम्प्रोमाइज’ नीति, देहरादून में बड़ा एक्शन

स्वच्छता मित्रों का सम्मान और भूमिका

मुख्यमंत्री ने कोविड महामारी के दौरान कर्मचारियों द्वारा दी गई सेवाओं की सराहना करते हुए उन्हें ‘मानवता की मिसाल’ बताया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सफाई कर्मचारियों को ‘स्वच्छता मित्र’ के रूप में सम्मानित किया और जोर देकर कहा कि राज्य में पर्यटन और तीर्थयात्रा (जैसे चारधाम, कांवड़ और कुंभ) के सफल आयोजन में इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी सबसे अहम होती है।

ADVERTISEMENTS