अंकिता हत्याकांड: कांग्रेस का मंगलौर कैंडल मार्च..VIP नाम खुलासा, CBI जांच की मांग

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उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर लगातार नए-नए खुलासों और VIP नाम की संलिप्तता ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक स्तर तक विवाद खड़ा कर दिया है। उत्तराखंड में अंकिता को न्याय दिलाने की आवाजें अब और भी तेज हो चुकी हैं, विपक्षी दल कांग्रेस इसे लेकर जगह-जगह प्रदर्शन कर रही है। इस कड़ी में बीते रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत के नेतृत्व में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। इस मौके पर मंगलौर से विधायक काज़ी निजामुद्दीन, झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती और वीरेंद्र रावत भी मौजूद रहे। हाल में उर्मिला सनावर द्वारा ऑडियो-वीडियो वायरल करने के बाद VIP का खुलासा किया गया, जिसके बाद से उत्तराखंड राजनीति से लेकर सामाजिक गलियारों तक भूचाल आ गया है और कांग्रेस लगातार जमीनि स्तर पर सरकार के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है।

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VIP नाम खुलासा, CBI जांच की मांग


कांग्रेस लगातार राज्य सरकार पर VIP के नाम को लेकर सवाल खड़े कर रही है और सरकार पर VIP को बचाने का आरोप लगा रही है। वहीं कांग्रेस वरिष्ठ नेता हरिश रावत के नेतृत्व में कैंडल मार्च के दौरान मंगलौर विधायक काज़ी निजामुद्दीन ने कहा कि जिस तरह से उत्तराखंड में राज्य मंत्री के पति के द्वारा बिहार की महिलाओं का अपमान किया गया है यह अपमान बिहार ही नहीं तमाम देश की महिलाओं का अपमान है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि “अंकिता हत्याकांड में जिन VIP के नाम इस हत्याकांड से जुड़े हैं उन पर मुकदमा दर्ज करना चाहिए और इस पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए”। वहीं झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “ऐसी सरकार को डूब कर मर जाना चाहिए, जिसमें अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिल रहा…अगर भाजपा के लोग इतने ही साफ-सुथरे हैं तो उन्हें CBI जांच से इतना डर क्यों है?

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