स्वास्थ्य महानिदेश के गजब आदेश..बिना बुलाए स्वास्थ्य महानिदेशक से मिलने वाले कर्मचारी के कारण हो रहा कार्य बाधित..

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वैसे तो उत्तराखंड स्वास्थ्य महानिदेशालय में तमाम एक्सपेरिमेंट होते रहे हैं कभी कर्मचारियों को समय से बुलाने के लिए सख्त आदेश जारी होते हैं तो कभी कर्मचारी अटेंडेंस के नाम पर खाना पूर्ति करते हुए दिखाई देते हैं ।। अब नई महानिदेशक ने नए फरमान भी जारी किए हैं जिसमें उनके द्वारा कुछ यूं कहा गया जो किसी के गले उतरने को तैयार नहीं हुआ है दरअसल 10 बजे से 5 बजे की नौकरी करने वाला यह सरकारी सिस्टम अब नई स्वास्थ्य महानिदेशक के नए फरमान से अचंभित हैं।। स्वास्थ्य महानिदेशक के कार्यालय में फाइलों का अंबार लगता चला जा रहा है लेकिन अब तक तमाम फाइलों पर एक बार भी अधिकारियों की नजरे इनायत नहीं हुई है। लेकिन अब स्वास्थ्य महानिदेशक फाइलों पर 5:00 बजे के बाद साइन करने की व्यवस्था बना रही है जो किसी के गले नहीं उतर रहा है महानिदेशक के द्वारा आदेश जारी किए गए हैं कि तमाम मुलाजिम समय से पहुंच कर बायोमेट्रिक मशीन में उपस्थिति दर्ज करने के बाद अपने कार्यालय और अनुभाग में नियमित रूप से बैठ कर कार्य संपादित करें जो अब तक नहीं करते थे ।। वहीं डीजी से मिलने के लिए भी अब कार्यालय के मुलाजिमों बिना अनुमति के नही आयेंगे । कर्मचारियों के ऐसा करने को महानिदेशक के द्वारा कार्य बाधित होने की मुख्य वजह भी बताया गया है।। अब करचारियों को स्टाफ अफसर की अनुमति लेने के बाद ही स्वास्थ्य महानिदेशक से मिलने का मोका मिलेगा जो किसी के गले नही उतर रहा है।। महानिदेशक के द्वारा यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि अनुभाग प्रभारी द्वारा महत्वपूर्ण पत्रावली का निस्तारण शाम 5:00 बजे के पश्चात करना सुनिश्चित करेंगे जबकि कर्मचारियों की छुट्टी का समय ही 5बजे है इसको लेकर कर्मचारी खुलकर तो कुछ नहीं बोल रहे हैं लेकिन अंदर खाने नाराजगी जरूर पनपती हुई दिखाई दे रही है।। स्वास्थ्य महानिदेशालय का सिस्टम लगातार बदलता चला जा रहा है जिसकी शिकायत सरकार के स्तर पर भी पहुंच रही है।लेकिन इस पर अभी एक्शन होता हुआ नही दिखाई दे रहा है । अब सिस्टम को समय रहते बेहतर बनाने की जरूरत है जिससे व्यवस्थाएं पटरी पर लौट सकें।। चौपट सिस्टम की हीलाहवाली के चलते तमाम फाइलें अभी भी लंबित पड़ी है। कंप्यूटर प्रिंटर की कॉटेज से लेकर तमाम आवश्यक वस्तुएं मुलाजिम को नहीं मिल पा रही हैं जिस कार्य में व्यवधान भी उत्पन्न हो रहा है।। जिसका खामियाजा वो मुलाजिम भुगत रहे है जिनके कार्य आवश्यक वस्तुओं के ना होने से प्रभावित हो रहे है