लोहाघाट में गौवंश छोड़ने वालों पर होगा एक्शन

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कभी गाय गांव देहात की बड़ी पूंजी होती थी.गाैवंश को गौधन माना जाता था। लेकिन वक्त बदला गांव कस्बों में बदले और कस्बे नगर में और नगर महानगर में। इस बदलाव ने गांव देहात की पूरी रीढ़ ही हिला दी है। नए जमाने के रंग में रंगे समाज में आज गांव के वजूद पर संकट मंडरा रहा है। लिहाजा आज न गांव महफूज है न गाैवंश.

नगर शहर में महंगे कुत्ते पालने वालों की तादाद बढ़ी है लेकिन गाय पालने वालों में कमी आई है। गांव पलायन का दर्द भोग रहे हैं और कस्बे अपने खेती के रकबे में कंकरीट की फसल उगते हुए देखने को मजबूर। आज नौजवान पशुपालन को रोजगार बनाने में हिचक रहे हैं । नतीजा सबके सामने है गाय हों या गौवंश भूखे प्यासे सड़कों पर दर-दर आवारा भटकने को मजबूर ।

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कनीक के दौर में अब जो गाय पाल भी रहे हैं वो उसका नफा नुकसान देख कर पाल रहे हैं। जब तक गाय दूध देती है तब तक उसको घास-पानी देते हैं दूध बंद तो राशन पानी के साथ साथ गौशाला के दरवाजे भी बंद। मजबूरन गाय और गौवंश सड़क पर हादसों का सबब बन रहा है।

उत्तरप्रदेश हो या उत्तराखंड सब जगह एक ही हालात हैं। उत्तराखंड में जब गांव जिंदा थे उस दौर में तो नर गौवंश की बहुत कद्र थी। लोगों को लगता था खेत जोतने के लिए बैल मिल गया है। बैलों का बाजार था लेकिन अब न तो खेती बाड़ी रही न पशुपालन । मैदानो में तो ट्रैक्टर ने नर गोवंश की अहमियत खत्म कर दी है।

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इंसान के भीतर दया धर्म खत्म हो गया है। अब लोग अपने गौवंश को बेहिचक सड़कों पर धकेल रहे हैं। हाल तो सब जगह खराब हैं लेकिन लोहघाट नगर पालिका ने बड़ा कदम उठाया है। नगरपालिका ने पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं ताकि ऐसी नजायज और क्रूर हरकत करने वालों के खिलाफ एक्शन लिया जा सके। पालिका अध्यक्ष ने गोविंद वर्मा ने दो टूक ऐलान किया है जो गौवंश छोड़ने वालों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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दरअसल लोहाघाट में आवारा गौवंश सड़क हादसों का सबब बन रहे हैं जिससे राहगीर की जान पर भी बन रही है और गौवंश की जान पर भी । हालांकि लोहाघाट के नगरपालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने पहल करते हुए पांच गौवंशों को खीड़ी गौ सदन भेजा है।वही लोहाघाट की जनता से भी दिल बड़ा करने की अपील की है ताकि गौवंश महफूज रहे। बहरहाल जरूरत है पशुपालकों दानिशमंद बनने की और पशुपालन महकमे को बड़ा कदम उठाने की ताकि पूरे प्रदेश में गौवंश की दुर्गति न हो सके।


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