उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने रोस्टर के आधार पर 1350 डॉक्टरों की तैनाती का फैसला किया है। इसमें सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी सेवाएँ देंगे। यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं को तत्काल इलाज मिल सके, इसके लिए 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (MRP) बनाई जाएंगी। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने स्पष्ट किया है कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में आने वाली स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
प्रदेश को मिले 243 नए चिकित्साधिकारी
स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए राज्य को 243 नए चिकित्साधिकारी मिल गए हैं, जिनमें 33 विशेषज्ञ चिकित्सक भी शामिल हैं। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनकी सूची विभाग को भेज दी गई है। इन नए डॉक्टरों की नियुक्ति से न केवल चारधाम यात्रा में मदद मिलेगी, बल्कि पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। जल्द ही इन डॉक्टरों को यात्रा ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा।
स्क्रीनिंग, चेकअप और विशेष प्रशिक्षण
यात्रा के प्रमुख प्रवेश द्वारों पर श्रद्धालुओं की हेल्थ स्क्रीनिंग और मेडिकल चेकअप की सख्त व्यवस्था की जा रही है। विशेष रूप से कम ऑक्सीजन वाले क्षेत्रों में होने वाली सांस की कठिनाई, अत्यधिक थकान, रक्तचाप (Blood Pressure) और हृदय संबंधी समस्याओं के त्वरित उपचार के लिए डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही, यात्रियों को जागरूक करने के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी भी प्रदर्शित की जाएगी।

