मुन्ना ने क्या कहा, जो सुलग गए प्रीतम !

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गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दौरान शुक्रवार को सदन का माहौल उस समय गरमा गया जब भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हो रही चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के बीच हुई बहस ने कुछ देर के लिए सदन का ध्यान पूरी तरह अपनी ओर खींच लिया।

दरअसल चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह विकास नगर विधानसभा के मुद्दे पर अपनी बात रखी जिस पर भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान बिफर गए और उन्होंने इशारों-इशारों में विधायक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर टिप्पणियां कर दीं। उन्होंने कहा कि. वह उन विधायकों में शामिल नहीं हैं जो खेत समतलीकरण के नाम पर विधायक निधि का दुरुपयोग करते हैं या फिर घरों की सुरक्षा दीवार बनाने के नाम पर नकद पैसा बांटने का काम करते हैं। उन्होंने साफ कहा कि वह अपने क्षेत्र में नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विकास कार्य करवाने में विश्वास रखते हैं। मुन्ना सिंह चौहान के इस बयान के बाद सदन में हलचल बढ़ गई और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि कोई इतनी तड़क-भड़क के साथ अपनी सफाई दे रहा है तो दाल में कुछ काला जरूर है। प्रीतम सिंह के इस जवाब के बाद दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक तीखी जुबानी बहस चलती रही, जिससे सदन का माहौल और भी गर्म हो गया।
सदन में मौजूद अन्य सदस्यों और मंत्रियों को भी बीच-बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा ताकि चर्चा को आगे बढ़ाया जा सके। हालांकि इस दौरान दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी बात मजबूती से रखी और एक-दूसरे के तर्कों का जवाब भी दिया।

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मुन्ना सिंह चौहान ने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि वह हमेशा नियमों और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए काम करते हैं। उनके अनुसार विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या व्यक्तिगत लाभ के लिए विधायक निधि का उपयोग करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होती है कि वे जनता के पैसे का सही और पारदर्शी तरीके से उपयोग करें।
सदन में जिस बेबाकी के साथ मुन्ना सिंह चौहान ने अपनी बात रखी, उसकी कई सदस्यों ने सराहना भी की। यह अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी एक उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है। वहीं विपक्ष के कुछ सदस्यों ने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया।
विधानसभा सत्र के दौरान अक्सर मुद्दों को लेकर तीखी बहस देखने को मिलती है, लेकिन इस तरह की सीधी नोकझोंक सदन के माहौल को और भी दिलचस्प बना देती है। शुक्रवार को हुई यह बहस भी कुछ देर तक चर्चा का विषय बनी रही।
हालांकि बाद में सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ गई, लेकिन मुन्ना सिंह चौहान और प्रीतम सिंह के बीच हुई यह जुबानी जंग राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे सियासी नोकझोंक मान रहे हैं