उत्तराखंड सचिवालय संघ विवाद: पूर्व अध्यक्ष का बड़ा आरोप, कल्याण कोष में 30 लाख की गड़बड़ी का आरोप

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उत्तराखंड सचिवालय संघ में बड़ा विवाद छिड़ गया है। पूर्व अध्यक्ष दीपक जोशी ने मुख्य सचिव और सचिवालय प्रशासन को कड़ा पत्र लिखकर वर्तमान कार्यवाहक पदाधिकारियों पर संविधान उल्लंघन और वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2025 को समाप्त कार्यकारिणी का 6 माह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी भंग न करना और नियम 12.क के विरुद्ध 6 फरवरी 2026 को आम सभा बुलाना पूरी तरह गैरकानूनी है। 17 अक्टूबर 2025 के सचिवालय प्रशासन के आदेश के बावजूद चुनाव प्रक्रिया शुरू न करने को स्वेच्छाचारिता व हठधर्मिता बताया। जोशी ने कर्मचारी कल्याण कोष के 30 लाख सरकारी अनुदान में गड़बड़ी का पर्दाफाश किया, जहां कार्यकाल समाप्ति के बाद भी गैरकानूनी आहरण व निजी स्वार्थ के लिए दुरुपयोग हो रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह वित्तीय अनियमितता ऑडिट जांच का विषय बनेगी और जिम्मेदारी प्रशासन पर आएगी।

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पत्र में मांग की गई कि आम सभा रोकी जाए, सचिवालय संघ के द्विवार्षिक चुनाव के लिए वरिष्ठ अधिकारी को नियंत्रक/पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाए ताकि शांतिपूर्ण चुनाव हो सकें। जोशी ने कहा कि यह सभा कर्मिक हितों के नाम पर भड़काऊ, अराजकता फैलाने और द्वेषपूर्ण माहौल बनाने की साजिश है। कार्यवाहक पदाधिकारियों का यह कदम राजनीतिक स्वार्थ और कार्यकाल बढ़ाने की मंशा दर्शाता है। यदि प्रशासन ने रोक न लगाई तो विरोध, नारेबाजी और घेराव की स्थिति बनेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सचिवालय प्रशासन की होगी। यह प्रेस नोट संघ के भविष्य और कर्मचारियों के कल्याण को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।