उत्तराखंड में इन दिनों सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तीखी और तेज हो चुकी है। दरअसल, बीते रोज पहले उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा द्वारा दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में आगामी चुनाव और नई कार्यकारिणी गठन सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
हालांकि, इस बैठक को हुई कई दिन बीत जाने के बावजूद भी उत्तराखंड में कांग्रेस की नई कार्यकारिणी धरातल पर नजर नहीं आ रही है। अब इस मुद्दे को लेकर सत्ताधारी भाजपा लगातार कांग्रेस पर जुबानी वार कर रही है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक ने तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली में हुई बैठक में कांग्रेस के भीतर अंतर-कलह साफ देखने को मिला, जिसकी वजह से पार्टी किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। उन्होंने यह भी कहा कि पहले करण माहरा कार्यकारिणी का गठन नहीं कर पाए और अब तक गणेश गोदियाल भी ऐसा नहीं कर सके हैं।
वहीं कांग्रेस की ओर से पलटवार करते हुए प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि दिल्ली में हुई बैठक में संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर गंभीर मंथन किया गया है। साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का गठन जल्द ही कर लिया जाएगा।
बरहाल, प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का गठन को सियासी मुद्दा बनाकर सत्तापक्ष-विपक्ष के बीच गहमा-गहमी से उत्तराखंड राजनीति में सियासी गलियारे गरमा चुके हैं। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस अपनी नई कार्यकारिणी का गठन करने में और कितना समय लेती है।

