उत्तराखंड का आगामी विधानसभा सत्र गैरसैंण में 9 मार्च से होने जा रहा है वहीं सत्र की अवधी को लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी का कहना है कि संविधान में लिखा है कि वर्ष भर में सत्र की अवधि 60 दिन की होती है मगर सरकार अपने पूरे कार्यकाल में 36 दिन भी सत्र नहीं चला पाई सरकार के पास कोई विज़न नही है प्रदेश के विकास के लिए ओर जब विपक्ष सवाल खड़े करता है तो सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का काम करती है। जबकि भाजपा मीडिया प्रभारी मानवीर चौहान का कहना है कि विपक्ष हमेशा सरकार के कामो पर सवाल खड़े करता है सत्र की अवधी काम के अनुसार होती है और अगर 4 दिन का सत्र है तो 4 ही दिन का काम काज का लेखाजोखा सत्र के दौरान किया जाएगा प्रदेश के विकास के लिए धामी सरकार कटिबध्द है ।

