उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज गुरुवार को नैनीताल स्थित रामनगर पहुंचे। मुख्यमंत्री धामी के आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। शहर पहुंचने पर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हनुमान जयंती के अवसर पर रामनगर स्थित बालाजी मंदिर और हनुमान धाम छोई पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री रामनगर की अग्रवाल सभा में आयोजित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठन की भूमिका और जनसेवा के महत्व पर संबोधित किया।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों—केदारखंड और मानसखंड सहित—के सौंदर्यीकरण तथा आधारभूत संरचना विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का ही परिणाम है कि राज्य में हर वर्ष श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियाँ अभी से शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि शीतकालीन यात्रा भी लगातार चल रही है और 19 तारीख तक चारधाम कपाट खुलने तक यह जारी रहेगी। अब तक करीब एक लाख साठ हजार श्रद्धालु शीतकालीन यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि शीतकाल में भी बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं, जो राज्य में धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य है कि धार्मिक पर्यटन को और अधिक मजबूत किया जाए, ताकि उत्तराखंड की पहचान वैश्विक स्तर पर और सशक्त हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कुंभ केवल उत्तराखंड का नहीं बल्कि पूरे देश की आस्था का विषय है, इसलिए इसकी तैयारियाँ व्यापक स्तर पर की जा रही हैं। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सेवा, सुशासन और केंद्र सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

