उत्तराखंड CM धामी ने की PTCUL समीक्षा बैठक, दिए बिजली चोरी रोकने और समयबद्धता के सख्त निर्देश

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के सचिवालय सभागार में पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (PTCUL) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पिछले वर्षों में पूरी हुई परियोजनाओं की उपलब्धियों, ADB पोषित व नॉन-ADB योजनाओं, मुख्यमंत्री शिलान्यास वाली परियोजनाओं और REC/PFC से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर गहन चर्चा हुई। साथ ही 2025-26 के लिए अतिरिक्त अंशपूंजी की जरूरत, PTCUL के संसाधन योजना, आपदा राहत के लिए धनराशि व मानव संसाधन जैसे मुद्दों पर विस्तृत मंथन किया गया।

मुख्यमंत्री ने विद्युत वितरण लॉस कम करने, बिजली चोरी रोकने और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। ग्रीष्मकालीन सीजन की तैयारी के लिए PTCUL, UJVNL व UPCL को अभी से कमर कसने को कहा। सभी औपचारिकताएं मार्च तक पूरी कर अप्रैल से परियोजनाएं शुरू करने के आदेश दिए। CSR फंड के लिए अलग खाता खोलकर उसके बहुआयामी उपयोग पर जोर दिया।

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हरिद्वार के बहादराबाद, पौड़ी के कोटद्वार, अल्मोड़ा के भिकियासैंण, बागेश्वर के कपकोट व चमोली के नंदप्रयाग में ADB द्वितीय चरण के उपकेंद्रों के लिए भूमि आवंटन एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश जिला अधिकारियों को मिले। मुख्यमंत्री घोषणा से जुड़ी सभी शिलान्यासित परियोजनाओं को तुरंत पूरा करने हेतु निगरानी बढ़ाने को कहा। पारदर्शिता, जवाबदेही व समयबद्धता पर विशेष बल देते हुए धामी ने कहा कि उत्तराखंड का ऊर्जा क्षेत्र मजबूत बने, ताकि जनता को बेहतर बिजली सेवा मिले और राज्य का विकास तेज हो।

पिटकुल ने बनाया नया रिकॉर्ड, जीता अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड

पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) ने पिछले चार सालों में शानदार प्रदर्शन किया है। प्रबंध निदेशक यू.सी. ध्यानी ने बताया कि REC ने पिटकुल की क्रेडिट रेटिंग A+ से बढ़ाकर A++ कर दी है। इससे परियोजनाओं के लिए लिए जाने वाले लोन पर 0.5 प्रतिशत की छूट मिलेगी, जिसका फायदा सीधे बिजली उपभोक्ताओं को कम टैरिफ के रूप में मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय पावर लाइन पत्रिका ने पिटकुल को ‘पावर लाइन ट्रांस टेक इंडिया अवॉर्ड-2025’ से सम्मानित किया। यह अवॉर्ड ऊर्जा क्षेत्र के ट्रांसमिशन में उत्कृष्ट काम और वित्तीय वर्ष 2024-25 में सबसे कम लाइन लॉस के लिए दिया गया। कुशल प्रबंधन से पिटकुल ने 2024-25 में अब तक का सबसे ज्यादा 1243 करोड़ रुपये का लाभांश उत्तराखंड सरकार को दिया। चार सालों में कुल 22 परियोजनाएं पूरी हुईं, जिनमें 12 क्षमता बढ़ाने वाली थीं।

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वर्तमान में ADB पोषित 220 और 120 केवी उपकेंद्र मंगलौर, सेलाकुई, आराघर, खटीमा, धौलाखेड़ा, लोहाघाट व सरवरखेड़ा में तेजी से बन रहे हैं। नॉन-ADB प्रोजेक्ट्स पीपलकोटी, घनसाली, बनबसा, रानीहाट, ऋषिकेश, अल्ट्राटेक व सिमली में प्रगति पर हैं। बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव पंकज पांडेय, सी रवि शंकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, विनय शंकर पाण्डेय, UJVN के MD डॉ. संदीप सिंघल व UPCL के MD अनिल कुमार सहित अधिकारी मौजूद रहे। पिटकुल की वित्तीय मजबूती और तेज परियोजना प्रगति से उत्तराखंड का बिजली क्षेत्र आत्मनिर्भर बन रहा है।