उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी व्यस्त राजनीतिक दिनचर्या के बीच मानवीयता का अनोखा उदाहरण पेश किया। चिन्यालीसौड़ में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के बाद वे सीधे बड़ेथी गांव पहुंचे और भाजपा के बूथ अध्यक्ष उत्तम सिंह रावत की बेटी के विवाह समारोह में शिरकत की। सीएम धामी ने दुल्हन को हल्दी रस्म में आशीर्वाद दिया और पूरे परिवार को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिससे स्थानीय लोग बेहद उत्साहित नजर आए। उन्होंने साबित कर दिया कि उनके लिए कार्यकर्ता महज संगठन का हिस्सा नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य जैसे हैं। कार्यक्रम में सीएम ने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण करने के साथ-साथ राजकीय महाविद्यालय को भी मजबूत बनाने का आश्वासन दिया।

यह घटना उत्तराखंड की राजनीति में सीएम की कार्यकर्ता-प्रेमी छवि को और मजबूत करती है। बड़ेथी के ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया, जबकि हेलीपैड पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने भव्य अभिनंदन किया। धामी ने कहा कि सरकार का असली लक्ष्य सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचना और जनता की आवाज को सुनना है। विवाह समारोह में उनकी मौजूदगी ने न केवल परिवार को खुशी दी, बल्कि पूरे इलाके में उत्साह भर दिया। यह पहली बार नहीं जब सीएम ने आम लोगों के साथ ऐसा अपनापन दिखाया हो, बल्कि उनकी यह शैली उत्तराखंड की जनता को बार-बार प्रभावित करती है। कुल मिलाकर, यह घटना साबित करती है कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे होने के बावजूद धामी जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का सम्मान करना नहीं भूलते।
चारधाम यात्रा अप्रैल से सुगम-CM धामी का वादा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़कों के गड्ढों, टिहरी झील क्षेत्र में पर्यटन बढ़ाने और जीतू बगडवाल के नाम पर गांव का नामकरण जैसी मांगें सुनीं। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ से 600 शिविर लगे, जहां 5 लाख लोगों ने भाग लिया और 40 हजार को योजनाओं का लाभ मिला। इसका मकसद ग्रामीणों को गांव में ही समस्याओं का हल देना है। अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होगी, तैयारियां जोरों पर हैं ताकि श्रद्धालु अच्छा अनुभव लें। सरकार समन्वयक बनेगी, सफलता स्थानीय पुरोहितों, होटल, टैक्सी वालों से मिलेगी। दुनिया में सनातन का उद्घोष हो रहा है, इसलिए सड़क, स्वास्थ्य व यातायात मजबूत हो रहा। जनप्रतिनिधियों को त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया। यह अभियान प्रशासन को पारदर्शी बना रहा, ग्रामीण विकास व पर्यटन को बल दे रहा। चारधाम से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, यात्री खुश लौटेंगे। सरकार गांव-गांव जनता की सुन रही है।



