उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल में विस्तार की चर्चाओं से एकबार फिर प्रदेश राजनीति में सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। माना जा रहा है कि जनवरी माह के दूसरे पखवाड़े यानि मकर संक्रांति के बाद भाजपा हाईकमान इस बारे में कोई निर्णय ले सकता है और संसद बजट सत्र से पहले मंत्रिमंडल में रिक्त चल रहे पदों पर पदग्रहण को लेकर विधायकों की लाटरी खुल सकती है। आपको बताते चलें कि धामी मंत्रिमंडल में कुल 12 पद हैं जिनमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत छह मंत्री अपने पद पर प्रतिष्ठित हैं, जबकि वर्तमान समय में मंत्रिमंडल के 5 पद रिक्त हैं।
दरअसल, वर्ष 2022 में जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिहं धामी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो उस समय मंत्रिमंडल में 3 पद रिक्त थे, वहीं वर्ष 2023 में कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के निधन के बाद मंत्रिमंडल में रिक्त स्थान की संख्या बढ़कर 4 हो गई। इसके बाद कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा त्यागपत्र दिए जाने से रिक्त पदों की संख्या 5 हो गई।
रिक्त मंत्री पदों से धामी पर दबाव, संभाल रहे 35+ विभाग
उत्तराखंड भाजपा के मंत्रिमंडल में पांच पद रिक्त होने से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर विभागिय कार्यशिलता का अतिरिक्त बोझ पड़ चुका है। आपको बता दें कि वर्तमान समय में रिक्त हुए दो मंत्री पदों के विभागों का जिम्मा मुख्यमंत्री धामी के पास ही है, मुख्यमंत्री धामी के पास वर्तमान समय में 35 से भी अधिक विभाग हैं। वहीं उत्तराखंड भाजपा में मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार और फेरबदल को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारी के अनुरुप किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिहं धामी और भाजपा हाईकमान का पूरा जोर प्रो इनकंबेंसी पर है, ऐसी सूरत में विपक्ष एंटी इनकंबेंसी को न उभारने पाए इसको लेकर भाजपा अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है।
फरवरी बजट से पूर्व कैबिनेट विस्तार की तैयारी
2027 विधानसभा चुनाव में अब बहुत कम समय ही शेष रह गया है, लिहाजा भाजपा हाईकमान ने भी प्रदेश से लेकर जिलों तक पार्टी संगठन में परिवर्तन को प्राथमिकता दी है, इस क्रम में मात्र प्रदेश कार्यसमिति का गठन शेष है। चूंकि केंद्र में मौजूद भाजपा सरकार आगामी 1 फरवरी से नए बजट सत्र में व्यस्त हो जाएगी, तो वहीं प्रदेश सरकार भी नये बजट सत्र की तैयारी प्रारंभ करेगी। माना जा रहा है कि प्रदेश में बजट सत्र आगामी फरवरी के दूसरे पखवाड़े या मार्च माह में हो सकता है, ऐसे में धामी मंत्रिमंडल में विस्तार के साथ फेरबदल को लेकर चालू माह के दूसरे पखवाड़े में कदम बढ़ सकते हैं। इस महीने मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होने की स्थिति में इसमें फिर लंबा समय लग सकता है। यह स्थिति न आने पाए, पार्टी के रणनीतिकार इस पर भी नजर बनाए हुए हैं।


