उत्तराखंड में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष ने अपनी-अपनी कमर कस ली है। जहां एक ओर कांग्रेस इस बार युवा कंधों के सहारे चुनावी रण को जीतने की रणनीति बना रही है तो वहीं दूसरी ओर भाजपा भी चुनावी रण के लिए नए-नए ताने-बाने बुन रही है। उत्तराखंड भाजपा ने मिशन 2027 को लेकर ऐसी रणनीति तैयार की है, जो प्रचंड बहुमत हथियाने में लाभदायक सिद्ध हो सकती है।
दरअसल, उत्तराखंड में जनवरी 2026 के अनुसार कुल मतदाता संख्या 84,29,459 है, जिसमें महिला मतदाताओं की संख्या 40,64,488 है। यानी प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या कुल मतदाता संख्या की 50% से भी अधिक है। यही कारण है कि भाजपा ने लगातार तीसरी बार प्रचंड जीत के लिए युवाओं के साथ-साथ महिलाओं के बीच भी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए खास कीर्तन-नवरात्र प्लान तैयार किया है। क्योंकि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं की सर्वोच्च भागीदारी ने ही भाजपा को रिकॉर्ड जीत तक पहुंचाने का अहम कार्य किया था। लिहाजा, अब भाजपा का पूरा जोर युवाओं के साथ-साथ महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ करने पर है।
उत्तराखंड में महिला मतदाताओं में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा ने महिला मोर्चा के कंधों पर भार डाला है, कि मंडल स्तर तक होने वाली कीर्तन मंडल में मोर्चा शामिल होगा। महिलाओं के बीच कीर्तन का आनंद लेने के साथ ही सरकार की उपलब्धियां और सेवाएं पहुंचाएगी। इसी प्रकार, नवरात्र के हर दिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उधर, हरियाली तीज को भी भाजपा, महिलाओं के साथ मिलकर मनाएगी। यह कार्यक्रम भी मंडल स्तर तक होंगे।
वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा विधानसभा में पेश किए गए बजट में भी महिलाओं से संबंधित योजनाओं में जेंडर बजट को बढ़ाया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में धामी सरकार ने जेंडर बजट में 2423 करोड़ की बढ़ोतरी करते हुए 16,961.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। इस साल इसमें 2730 करोड़ की और बढ़ोतरी करते हुए 19,692.02 करोड़ का प्रावधान कर दिया गया है। इस बजट में न केवल महिलाओं की सुरक्षा का ख्याल रखा गया बल्कि उनके विकास, पोषण का भी खास ख्याल रखा गया है।

