उत्तराखंड में विशेष गहन संशोधन (SIR) की शुरुआती प्रक्रिया के तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को हर बूथ पर BLA नियुक्त करने के निर्देश दिए थे, लेकिन एक महिने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी 11,733 बूथों में मात्र 8,700 BLA ही नियुक्त हो पाए हैं। वहीं इस मामले पर निर्वाचन आयोग द्वारा उठाए गए सवालों के बाद सियासत भी गरमा चुकी है और प्रदेश के राजनितिक दल एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आ रहे हैं।
उत्तराखंड के सत्ताधारी दल भाजपा की ओर से भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कुँवर जपेंद्र सिंह ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भाजपा के पास BLA नियुक्ति के लिए पर्याप्त संख्या में कार्यकर्ता मौजूद हैं। प्रदेश प्रवक्ता जपेंद्र सिंह ने कहा कि 80% BLA नियुक्त होना इस बात का प्रमाण है कि विपक्ष जो आरोप सत्तादल पर लगा रहा है वह पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता न सिर्फ बूथ स्तर पर डाटा जुटा रहे हैं बल्कि साथ में जनता को जोड़ने का काम भी कर रहा है।
भ्रम फैलाने का कार्य कर रही भाजपा – कांग्रेस
निर्वाचन आयोग के प्रश्न और सत्तादल भाजपा के बयानों पर विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से प्रत्युत्तर सामने आया। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुजाता पॉल ने भाजपा पर पलटवार करते हुए गंभीर आरोप लगाए, उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ BLA-1 और BLA-2 की नियुक्ति कर रही है और पार्टी की नजर हर एक बूथ पर है। प्रवक्ता पॉल ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा चुनाव आयोग के सवालों को लेकर भ्रम फैलाने और कांग्रेस व चुनाव आयोग के मध्य स्थित संबंधों को खराब करने का कार्य कर रही है। कांग्रेस ने कड़े स्वर में कहा है कि कांग्रेस पार्टी चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है और कांग्रेस उत्तराखंड में किसी भी कीमत पर वोट चोरी नहीं होने देगी।


