उत्तराखंड में नहीं गैस-ईंधन की कमी: नागरिक आपूर्ति आयुक्त का बड़ा दावा

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देहरादून में नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की प्रेस वार्ता में गैस और तेल की आपूर्ति पर बड़ा दावा किया गया है। आयुक्त आनन्द स्वरूप के मुताबिक, उत्तराखंड में घरेलू और व्यावसायिक गैस की सप्लाई पूरी तरह पर्याप्त है और हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य में 5300 अतिरिक्त व्यावसायिक सिलेंडर जोड़े गए हैं और जनता से अपील की गई है कि पैनिक होकर गैस बुकिंग न करें, क्योंकि सिस्टम पूरी तरह नियंत्रण में है।

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इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बुकिंग की सीमा 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन तय की गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में भी तीनों तेल कंपनियां लगातार तेल और गैस की आपूर्ति पहुंचा रही हैं, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरत को देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देश पर सप्लाई में और वृद्धि की गई है।

राज्य में अब पांच कंपनियां नेचुरल गैस की सप्लाई कर रही हैं और जरूरी स्वीकृतियां भी दी जा चुकी हैं, जिससे लगभग 36,300 नए कनेक्शन जोड़े जा सके हैं। सीएस स्तर पर हुई बैठक से यह भी सामने आया कि राज्य में हर महीने करीब 1,11,000 अतिरिक्त सिलेंडर की जरूरत रहती है, जिसका पूरा इंतजाम सरकार ने कर लिया है।

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वैकल्पिक ऊर्जा के तौर पर पीरूल से ब्रिकेट तैयार किए जा रहे हैं और अन्य विकल्पों पर भी काम चल रहा है, जबकि शादी–ब्याह जैसे आयोजनों के लिए अस्थायी तौर पर 2 सिलेंडर देने की व्यवस्था की गई है। हालांकि राज्य में अभी भी करीब 2 लाख 68 हजार कनेक्शनों का बैकलॉग बना हुआ है, लेकिन विभाग का दावा है कि तेल कंपनियों के सहयोग से हालात तेजी से सुधर रहे हैं और उत्तराखंड में किसी भी तरह की गंभीर कमी या संकट की स्थिति नहीं है।