बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने की जिम्मेदारी अब मंत्री सुबोध उनियाल पर…

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देहरादून। उत्तराखंड में बदहाल होती स्वास्थ्य सेवाओं के बीच अब सुधार की नई उम्मीदें जगने लगी हैं। सरकार ने अनुभवी और कद्दावर नेता सुबोध उनियाल को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपकर एक बड़ा संकेत दिया है कि सिस्टम में बदलाव की दिशा में गंभीर प्रयास किए जाएंगे। इस फैसले के बाद आम जनता से लेकर स्वास्थ्य महकमे तक में सकारात्मक उम्मीदों का माहौल बनता दिख रहा है।
बीते कुछ समय से राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार सवालों के घेरे में रही हैं। अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, उपकरणों का अभाव और व्यवस्थाओं की लचर स्थिति ने मरीजों की परेशानियों को बढ़ाया है। कई दूरस्थ क्षेत्रों में तो प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जिससे सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की कमान एक मजबूत और अनुभवी मंत्री को सौंपना सरकार का अहम कदम माना जा रहा है।
सुबोध उनियाल को प्रशासनिक अनुभव और संगठन में मजबूत पकड़ के लिए जाना जाता है। उनके पास पहले भी कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी रही है, जहां उन्होंने नीतिगत स्तर पर ठोस फैसले लिए। अब स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विभाग में उनकी एंट्री से यह उम्मीद की जा रही है कि लंबे समय से लंबित सुधारों को गति मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय स्तर पर स्वास्थ्य ढांचे में आमूलचूल बदलाव की तैयारी शुरू हो चुकी है। डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए नई भर्ती प्रक्रियाओं को तेज किया जा सकता है, वहीं अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम होगा। इसके अलावा दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए विशेष योजनाएं लागू किए जाने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नई जिम्मेदारी संभालने के बाद सुबोध उनियाल किस तरह से सिस्टम को पटरी पर लाने में सफल होते हैं।
फिलहाल जनता को उम्मीद है कि स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का दौर खत्म होगा और राज्य में एक मजबूत, सुलभ और बेहतर हेल्थ सिस्टम स्थापित हो सकेगा।