देश में इन दिनों सोशल मीडिया पर ज्योतिषियों की मानो बाढ़ आ गई है। हर दिन कोई न कोई एस्ट्रोलॉजर किसी बड़ी घटना को लेकर भविष्यवाणी करता दिखाई देता है। इन भविष्यवाणियों को अक्सर इस तरह पेश किया जाता है मानो कोई बहुत बड़ा रहस्य उजागर किया जा रहा हो। लेकिन हाल ही में सामने आया एक मामला यह बताने के लिए काफी है कि कई बार यह सब केवल सोशल मीडिया पर चर्चा में बने रहने का खेल भी हो सकता है।
दरअसल एक चर्चित एस्ट्रोलॉजर ने वर्ष 2025 में एक भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि 2026 में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ेगा। इस भविष्यवाणी को सोशल मीडिया पर काफी प्रचारित किया गया। कई लोगों ने इसे गंभीरता से लिया तो कई लोगों ने इसे लेकर सवाल भी उठाए।
लेकिन जब मैच हुआ तो स्थिति बिल्कुल उलट निकली। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला जीत लिया। इसके बाद जो हुआ, उसने ज्योतिषीय भविष्यवाणियों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए। वही एस्ट्रोलॉजर, जिसने पहले भारत की हार की बात कही थी, उसने मैच के दौरान या उसके बाद अपने बयान का सुर बदल दिया और यह कहना शुरू कर दिया कि भारत की जीत के योग बन रहे हैं। इस तरह की घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि आखिर सोशल मीडिया पर की जाने वाली ऐसी भविष्यवाणियों का आधार क्या होता है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करना कई लोगों का मुख्य उद्देश्य बन गया है। ऐसे में सनसनीखेज भविष्यवाणियां करना और फिर परिस्थितियों के अनुसार अपने बयान बदल देना एक आम प्रवृत्ति बनती जा रही है।
ज्योतिष एक प्राचीन विद्या मानी जाती है और इसके प्रति समाज में सम्मान भी है। लेकिन जब इसका इस्तेमाल केवल चर्चा में बने रहने या लोगों की भावनाओं के साथ खेलने के लिए किया जाता है तो यह पूरी विद्या की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाता है।
सोशल मीडिया का दौर ऐसा है जहां कोई भी व्यक्ति कुछ भी कहकर लाखों लोगों तक पहुंच सकता है। लेकिन यही वजह है कि लोगों के लिए भी जरूरी हो गया है कि वे ऐसी बातों को आंख मूंदकर स्वीकार करने के बजाय तर्क और विवेक से परखें।
यह मामला इस बात का उदाहरण है कि “देखा-देखी और चला-चली” के इस दौर में कई बार बातें सिर्फ माहौल बनाने के लिए कही जाती हैं। ऐसे में जरूरी है कि समाज ऐसे दावों को लेकर सजग रहे और बिना प्रमाण के किसी भी भविष्यवाणी को अंतिम सत्य मानने से बचे।

