मोबाइल पर सख्ती, कोई रील नहीं बनाएगा!

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चार धाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों पर तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन सिर्फ सैर करने के लिए उत्तराखंड के धामों की ओर रुख करने वाले सैलानियों को इस बार कई नियमों से रू-ब-रू होना पड़ेगा, जिसके चलते सैर करने वाले सैलानी उदास भी हो सकते हैं और मन ही मन खीझ भी सकते हैं। दरअसल इस बार श्री बदरी केदार मंदिर समिति हो या गंगोत्री मंदिर समिति सभी ने मंदिर परिसर में मोबाइल फोन को बैन कर दिया है। तय है कि इस दफे कोई भी ब्लॉगर, “हाय गायज इस वक्त मैं हूं मंदिर परिसर में” कहते हुए नहीं दिखाई देंगे।

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बहरहाल इस साल 19 अप्रैल को सवा बारह बजे [12:15] गंगोत्री धाम के कपाट तीर्थयात्रियों के लिए विधि-विधान के साथ खोल दिए जाएंगे। मां गंगा की उत्सव डोली मुखवा गांव से 18 अप्रैल को गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान करेगी। भैरव मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद सुबह मां गंगा की डोली गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान करेगी। धाम पहुंचने के बाद विधि-विधान के साथ मां गंगा की पूजा अर्चना होगी और उसके बाद तय मूहर्त पर मां गंगा अपने आसन पर विराजमान हो जाएंगी।

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बहरहाल इस साल मां गंगा पर आस्था रखने वाले श्रद्धालु सनातनी पारंपरिक परिधान में ही मां गंगा की पूजा अर्चना कर दर्शन करेंगे। इसके अलवा मंदिर परिसर में न तो मोबाइल फोन का इस्तमाल होगा और न ही मंदिर के डेढ सौ मीटर के दायरे में कोई रील बनाएगा। मतलब साफ है कि आस्था के साथ आए हो तो भक्ति भाव के साथ माता के दर्शन कीजिए. मंदिर है कोई पिकनिक स्पॉट नहीं।

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