उत्तराखंड की संस्कृति और संरचना को किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ से प्रभावित करने वालों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिहं धामी ने एकबार फिर कड़े स्वर में चेताया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्तमान समय पर उत्तराखंड की संस्कृति को कायम रखने और विधर्मियों की पहचान के लिए सरकार सख्त धर्मांतरण, दंगारोधी कानून और ‘ऑपरेशन कालनेमी’ जैसे सनातन हितकारी अभियान चला रही है। इसके इतर उन्होंने समान नागरिक संहिता लागू करने, मदरसा बोर्ड समाप्त करने और ‘हिंदू स्टडी सेंटर’ स्थापित करने जैसे कदमों का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के मूल स्वरूप से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप को संरक्षित रखने के लिए सरकार के सतत प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और ‘ऑपरेशन कालनेमी’ जैसे कदमों से सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर नकेल कसी जा रही है। दून के बालावाला में विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि देश में पहली बार समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर सभी को बराबर अधिकार सुनिश्चित किए गए हैं। मदरसा बोर्ड खत्म कर समान शिक्षा व्यवस्था शुरू की गई है और राज्य में ‘हिन्दू स्टडी सेंटर’ की स्थापना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


